
मध्य प्रदेश सरकार ने कैबिनेट बैठक में पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए एक बड़ी और महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत युवाओं को विदेश में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का उद्देश्य है कि राज्य के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नौकरी के अवसर मिलें और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके।
नई योजना के अनुसार, अगले तीन वर्षों में करीब 45 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। इसके तहत हर साल लगभग 600 युवाओं को विदेश में रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। सरकार युवाओं को आवश्यक प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और प्रक्रिया में सहायता भी देगी, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय नौकरी बाजार में प्रतिस्पर्धा कर सकें।
सरकार का मानना है कि यह योजना पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर साबित होगी। इससे न सिर्फ बेरोजगारी कम होगी, बल्कि युवाओं को वैश्विक अनुभव और बेहतर आय के अवसर भी मिलेंगे। इसके अलावा, विदेश में काम करने वाले युवा अपने अनुभव और कौशल को वापस राज्य में भी उपयोग कर सकेंगे, जिससे प्रदेश के विकास को गति मिलेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह योजना सामाजिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यदि इसे प्रभावी तरीके से लागू किया गया, तो यह पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए एक नई राह खोल सकती है और राज्य की रोजगार नीति में बड़ा बदलाव ला सकती है।









