
मैहर/ देवेश शर्मा: पूर्व विधायक मैहर नारायण त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव का आभार जताते हुए मैहर जिले के लोगों को बधाई दी है। उन्होंने मुकुंदपुर को लेकर लिए गए फैसले को जनभावनाओं के अनुरूप बताते हुए मुख्यमंत्री को धन्यवाद प्रेषित किया है।
नारायण त्रिपाठी ने कहा कि मैहर मां शारदा का धाम है और इससे लाखों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। उन्होंने मैहर की पहचान को धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हुए कहा कि यह क्षेत्र महान संगीतकार बाबा अलाउद्दीन खान की कर्मभूमि भी रहा है। उनके शिष्यों ने देश-विदेश में अपनी कला और हुनर से पहचान बनाई।
मुकुंदपुर को बताया मैहर की धरोहर
पूर्व विधायक ने मुकुंदपुर को मैहर की महत्वपूर्ण धरोहर बताते हुए कहा कि यह क्षेत्र सफेद बाघों के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। उनके मुताबिक, मुकुंदपुर से मैहर जिले के लोगों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं और लंबे समय से स्थानीय स्तर पर इसे लेकर चर्चा होती रही है।
त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को संबोधित करते हुए कहा कि मुकुंदपुर को लेकर जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया गया है। उन्होंने इसे मैहर जिले के लोगों के लिए उनका “वाजिब हक” मिलने के तौर पर बताया।
मुख्यमंत्री का जताया आभार
नारायण त्रिपाठी ने अपने बयान में कहा कि मुख्यमंत्री ने जनभावनाओं का सम्मान किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मैहर के लोग इस फैसले के लिए उन्हें बधाई दे रहे हैं और उनकी सोच के प्रति धन्यवाद प्रकट कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मैहर केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं है, बल्कि संगीत और वन्यजीवों से जुड़ी ऐतिहासिक विरासत भी इसकी पहचान है। मां शारदा का धाम, बाबा अलाउद्दीन खान की संगीत परंपरा और मुकुंदपुर के सफेद बाघ मैहर की अलग-अलग पहचान को सामने रखते हैं।
त्रिपाठी ने कहा कि मुकुंदपुर को लेकर लिया गया निर्णय स्थानीय लोगों की भावनाओं के अनुरूप है और इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया है।
पूर्व विधायक का यह बयान मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा मुकुंदपुर से संबंधित लिए गए निर्णय के बाद सामने आया है। बयान में त्रिपाठी ने निर्णय के राजनीतिक और प्रशासनिक पहलुओं के बजाय मैहर की धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत तथा स्थानीय जनभावनाओं पर जोर दिया।
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