
सार
अनूपपुर। नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बीच फंसी मध्य प्रदेश के अनूपपुर की दो बहनें पलक और पल्लवी मांझी सुरक्षित मिल गई हैं। दोनों के पोखरा में सुरक्षित होने की जानकारी मिलने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली है। हालांकि मध्य प्रदेश के पांच अन्य परिवार अब भी अपने परिजनों की जानकारी का इंतजार कर रहे हैं। इनमें रायसेन के दो भाई और विदिशा की स्वाति बागरेचा सहित अन्य लोग शामिल हैं।
विस्तार
अनूपपुर। नेपाल में आई बाढ़ और फ्लैश फ्लड के बीच मध्य प्रदेश के लोगों के फंसे होने की खबरों के बीच अनूपपुर जिले के एक परिवार के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। जिले की रहने वाली पलक और पल्लवी मांझी सुरक्षित मिल गई हैं। दोनों बहनें घूमने के लिए नेपाल गई थीं और आपदा के दौरान करीब दो दिनों तक उनका परिवार से संपर्क नहीं हो पाया था।
परिवार के मुताबिक, शुक्रवार को दोनों बहनों के सुरक्षित होने की जानकारी मिली। बताया गया कि दोनों इस समय पोखरा में सुरक्षित हैं। इसके बाद परिवार ने राहत की सांस ली। दोनों के पिता ने भी उनसे फोन पर बातचीत की है। कोतमा थाना प्रभारी रत्नांभर शुक्ला के अनुसार, दोनों बहनों के रविवार को घर लौटने के लिए यात्रा शुरू करने की उम्मीद है।
पलक और पल्लवी ग्वालियर में पढ़ाई और काम करती हैं। दोनों बहनें नेपाल घूमने गई थीं। अचानक आई बाढ़ के कारण जब उनसे संपर्क टूट गया तो परिवार की चिंता बढ़ गई थी। लगातार प्रयासों के बाद दोनों के सुरक्षित होने की सूचना मिलने से परिजनों को बड़ी राहत मिली।
हालांकि, मध्य प्रदेश के अन्य परिवारों की चिंता अभी भी बनी हुई है। जानकारी के अनुसार प्रदेश के कम से कम सात लोग नेपाल में फंसे या लापता बताए गए हैं। इनमें रायसेन के रहने वाले विकास और हिमांशु राजपूत भी शामिल हैं। दोनों भाई एक जलविद्युत परियोजना में काम करते थे और उनके बारे में अभी तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है।
इसके अलावा विदिशा निवासी स्वाति बागरेचा को लेकर भी उनका परिवार चिंतित है। स्वाति टोरंटो में इंजीनियर हैं और कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए 77 सदस्यीय ईशा फाउंडेशन समूह के साथ गई थीं। परिवार के अनुसार, उनसे आखिरी बार 26 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे बात हुई थी, जब वह नेपाल-तिब्बत सीमा पर इमिग्रेशन औपचारिकताओं के लिए पहुंची थीं। इसके बाद से परिवार उनसे संपर्क करने का प्रयास कर रहा है।
परिवार के मुताबिक, स्वाति का मोबाइल फोन सक्रिय बताया जा रहा है, लेकिन वह कॉल रिसीव नहीं कर रही हैं। उनके भाई डॉ. प्रशांत बागरेचा ने बताया कि लोकेशन लॉग में मोबाइल की गतिविधि चीन सीमा के आसपास दिखाई देने की जानकारी मिली है। परिवार ने स्वाति की तलाश के लिए नेपाल स्थित भारतीय और कनाडाई दूतावासों से भी संपर्क किया है।
स्थानीय विधायक मुकेश टंडन के हस्तक्षेप के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी स्वाति के परिवार से बात की और उनकी सुरक्षित वापसी के लिए प्रयास किए जाने की जानकारी दी गई है।
वहीं देवास के शाहजहां अंसारी और इंदौर के शिबा प्रसाद मुखर्जी के परिजनों ने भी नेपाल में फंसे या लापता लोगों की मदद के लिए दिल्ली में बनाए गए कंट्रोल रूम से संपर्क किया है। मध्य प्रदेश के ऐसे परिवारों को अपने परिजनों की सुरक्षित वापसी की उम्मीद है।
नेपाल के रसुवा क्षेत्र में 26 अगस्त को भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने के बाद फ्लैश फ्लड की स्थिति बनी थी। बाढ़ का पानी आगे त्रिशूली और गंडक नदी तंत्र तक पहुंचा, जिससे निचले इलाकों पर भी इसका असर पड़ा। इस प्राकृतिक आपदा के बाद कई भारतीय नागरिकों के फंसने या लापता होने की जानकारी सामने आई है।
अनूपपुर की दोनों बहनों के सुरक्षित मिलने से उनके परिवार में खुशी और राहत का माहौल है, लेकिन मध्य प्रदेश के अन्य परिवार अभी भी हर फोन कॉल और प्रशासनिक सूचना के जरिए अपने प्रियजनों की सुरक्षित वापसी की खबर का इंतजार कर रहे हैं।
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