
सार
उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में इस बार श्रावण मास के दौरान श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ उमड़ी। रिपोर्ट के अनुसार, पूरे सावन में 1 करोड़ 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन किए। महाकाल लोक के निर्माण के बाद मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है और इस बार सावन में भी इसका नया रिकॉर्ड देखने को मिला।
विस्तार
उज्जैन। बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में श्रावण मास के दौरान आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि मंदिर में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या ने नया रिकॉर्ड बना दिया। देशभर से आए शिवभक्तों ने पूरे सावन के दौरान भगवान महाकाल के दर्शन किए।
श्रावण मास भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस दौरान उज्जैन के श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में भस्म आरती, विशेष पूजन-अभिषेक और विभिन्न श्रृंगारों के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस बार भी मंदिर में लगातार भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
रिपोर्ट के मुताबिक, श्रावण मास के दौरान 1 करोड़ 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन किए, जो मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती आस्था और लगातार बढ़ती भीड़ को दर्शाता है।
श्रावण के दौरान विशेष पर्व और सोमवार के दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ गई। 24 अगस्त को सावन सोमवार के अवसर पर भी बाबा महाकाल की विशेष भस्म आरती और श्रृंगार किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
महाकाल लोक के बाद बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्या
श्री महाकाल महालोक के निर्माण के बाद उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मंदिर प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, पहले जहां सामान्य दिनों में लगभग 50 हजार श्रद्धालु प्रतिदिन दर्शन के लिए आते थे, वहीं अब सामान्य दिनों में भी करीब डेढ़ से दो लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की जानकारी सामने आती है।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या का असर मंदिर की आय पर भी पड़ा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में महाकाल मंदिर को विभिन्न माध्यमों से 144 करोड़ रुपये से अधिक की आय होने की जानकारी सामने आई थी। इसमें लड्डू प्रसादी और दान पेटियों से प्राप्त राशि का बड़ा हिस्सा रहा।
सावन में विशेष धार्मिक आयोजन
श्रावण मास के दौरान बाबा महाकाल के मंदिर में प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान और विशेष पूजन होते हैं। भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल का पंचामृत अभिषेक और आकर्षक श्रृंगार किया जाता है। 25 अगस्त को श्रावण शुक्ल त्रयोदशी के अवसर पर बाबा महाकाल का भांग से विशेष श्रृंगार किया गया था और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भस्म आरती में दर्शन किए।
सावन सोमवार, नागपंचमी और अन्य धार्मिक अवसरों पर भी मंदिर में विशेष व्यवस्थाएं की जाती हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण मंदिर प्रशासन को दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना पड़ता है।
बढ़ती भीड़ के साथ व्यवस्थाओं की चुनौती
महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ मंदिर प्रशासन के सामने व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने की चुनौती भी बढ़ी है। बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कतार व्यवस्था, पेयजल, चिकित्सा, सुरक्षा और सुगम दर्शन जैसी सुविधाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है।
मंदिर की बढ़ती आय का इस्तेमाल भी श्रद्धालुओं की सुविधाओं, सुरक्षा, सफाई, अन्नक्षेत्र, निर्माण कार्यों और अन्य व्यवस्थाओं पर किया जाता है। सावन में 1.50 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं का पहुंचना यह बताता है कि बाबा महाकाल के प्रति देशभर के भक्तों की आस्था लगातार मजबूत हो रही है। उज्जैन में धार्मिक पर्यटन को भी इससे बड़ा बढ़ावा मिल रहा है।
श्रावण मास 2026 में 1.50 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के महाकाल दर्शन करने का आंकड़ा उज्जैन के धार्मिक महत्व और बाबा महाकाल के प्रति देशभर में बढ़ती आस्था को दर्शाता है। महाकाल लोक के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है और मंदिर में दर्शन के नए रिकॉर्ड बन रहे हैं।
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