
उत्तरी कोरिया के नेता किम जोंग उन ने रविवार 29 मार्च को अपने देश की रणनीतिक सैन्य ताकत की सराहना की और उच्च-थ्रस्ट, ठोस ईंधन वाले मिसाइल इंजन के सफल परीक्षण का निरीक्षण किया। इस कदम को देश के मिसाइल कार्यक्रम को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया जा रहा है, खासकर उन हथियारों के विकास की क्षमता के संदर्भ में जो कथित रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका तक पहुँच सकते हैं।
कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (KCNA) के मुताबिक परीक्षण में उन्नत कंपोजिट कार्बन फाइबर सामग्री का उपयोग करके विकसित किया गया इंजन शामिल था, जिसने 2,500 किलोटन का अधिकतम थ्रस्ट हासिल किया। विश्लेषकों का कहना है कि यह तकनीकी उन्नति एक ही मिसाइल पर एकाधिक वारहेड्स स्थापित करने की संभावना बढ़ा सकती है, जिससे मिसाइल रक्षा प्रणालियों को चकमा देना आसान होगा।
किम जोंग उन ने संसद में भाषण देते हुए अपने देश को अपरिवर्तनीय रूप से परमाणु शक्ति के रूप में स्थापित करने का वादा किया और अमेरिका पर वैश्विक “राज्य आतंकवाद और आक्रमण” का आरोप लगाया। उन्होंने हालिया अमेरिकी सैन्य कार्रवाईयों का भी जिक्र किया। उत्तरी कोरिया को अभी वारहेड्स की वायुमंडलीय पुनःप्रवेश क्षमता जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन पिछले कई वर्षों से विकसित उसके परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम ने उसे इस दिशा में मजबूत किया है।
2019 में अमेरिका के साथ उच्च-स्तरीय वार्ता विफल होने के बाद, उत्तरी कोरिया ने अपने न्यूक्लियर कार्यक्रम का तेज़ी से विस्तार किया है। हालिया वर्कर्स पार्टी कांग्रेस में किम ने संभावित पुन: बातचीत के लिए संकेत दिया, लेकिन अमेरिका से परमाणु निरस्त्रीकरण की शर्त छोड़ने की मांग की।
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