
अयोध्या। राम मंदिर में दान राशि की कथित चोरी का मामला सामने आने के बाद मंदिर प्रशासन और ट्रस्ट ने व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब मंदिर में प्राप्त होने वाली नकदी की रोजाना गिनती की जा रही है और चढ़ावे के प्रबंधन पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। इस कदम का उद्देश्य दान राशि के संग्रह और रखरखाव में अधिक पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करना बताया जा रहा है। हालिया घटनाक्रम के बाद मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा और वित्तीय प्रक्रियाओं की व्यापक समीक्षा भी शुरू कर दी है।
सूत्रों के अनुसार चोरी की घटना के बाद मंदिर परिसर में मौजूद दान पेटियों, नकदी संग्रह केंद्रों और संबंधित व्यवस्थाओं की निगरानी को और मजबूत किया गया है। अब निर्धारित समय पर प्रतिदिन कैश की गणना की जा रही है तथा पूरी प्रक्रिया का रिकॉर्ड भी तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही सुरक्षा कर्मियों और संबंधित कर्मचारियों की जिम्मेदारियों को भी स्पष्ट रूप से तय किया गया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
मामले की जांच एजेंसियां और प्रशासनिक अधिकारी भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। चोरी की घटना के बाद मंदिर प्रबंधन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर कई सवाल उठे थे। इसी कारण ट्रस्ट ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वित्तीय प्रबंधन की प्रक्रिया को और अधिक व्यवस्थित बनाने का निर्णय लिया है। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई जाने वाली दान राशि करोड़ों रुपये तक पहुंचती है, ऐसे में उसके सुरक्षित और पारदर्शी प्रबंधन को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार 19 जून को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा इस पूरे मामले और नई व्यवस्थाओं की समीक्षा किए जाने की संभावना है। यदि ऐसा होता है तो सुरक्षा, पारदर्शिता और दान प्रबंधन को लेकर आगे और महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए जा सकते हैं। फिलहाल मंदिर प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं के विश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और दान राशि के संरक्षण तथा उचित प्रबंधन के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
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