
मैहर के रामनगर क्षेत्र के गोरसरी जंगल में बांधवगढ़ से आया जंगली हाथी कई दिनों से डेरा जमाए हुए है। ग्रामीणों का आरोप है कि हाथी की निगरानी और रेस्क्यू के दौरान रात में बिजली आपूर्ति बंद किए जाने से बच्चों की पढ़ाई और लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है।
रामनगर, मैहर। रामनगर थाना क्षेत्र के गोरसरी जंगल में बांधवगढ़ के E-5 क्षेत्र से आया जंगली हाथी कई दिनों से मौजूद है। स्थानीय लोगों के अनुसार, 7 सितंबर 2026 की शाम हाथी ने पुरैना के सिंहपुर-मौहारी क्षेत्र में दस्तक दी थी। इसके बाद कंछेदी नामक व्यक्ति की मौत और कुछ घरों को नुकसान पहुंचने की घटनाओं के बाद हाथी गोरसरी जंगल के ऊपरी हिस्से में पहुंचा। वन विभाग की ओर से हाथी की निगरानी और रेस्क्यू की कार्रवाई जारी बताई जा रही है।
रात में बिजली बंद होने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ी
गोरसरी, रामनगर और आसपास के गांवों के लोगों का कहना है कि रात के समय हाथी के जंगल से नीचे आने की आशंका के चलते बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती है। ग्रामीणों के मुताबिक, कई बार रात के दूसरे पहर से बिजली बंद रहने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है और बुजुर्गों, महिलाओं तथा अन्य लोगों को अंधेरे में रहना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में अंधेरे के कारण जहरीले जीव-जंतुओं का भी खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का सवाल है कि यदि हाथी की निगरानी के लिए बिजली बंद करना आवश्यक है, तो क्या इसके लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जा सकती।
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स्थानीय लोगों के बीच वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी की चर्चा है। कुछ ग्रामीणों ने वन विभाग के कर्मचारियों पर रात के समय लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं। कर्मचारियों के कथित पार्टी करने और शराब सेवन से संबंधित एक वीडियो वायरल होने की बात भी कही जा रही है।
हालांकि,वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इन आरोपों को लेकर संबंधित वन विभाग के अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। इसलिए वायरल वीडियो और कर्मचारियों पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में बच्चों की परीक्षाएं भी चल रही हैं। ऐसे में लंबे समय तक रात में बिजली बंद रहने से पढ़ाई और सामान्य जनजीवन प्रभावित हो रहा है। लोगों ने हाथी के रेस्क्यू के साथ बिजली आपूर्ति के लिए ऐसी व्यवस्था बनाने की मांग की है, जिससे मानव सुरक्षा भी बनी रहे और ग्रामीणों को लगातार अंधेरे में न रहना पड़े।
गोरसरी क्षेत्र में जंगली हाथी की मौजूदगी से ग्रामीणों में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि वन विभाग हाथी के रेस्क्यू के साथ ग्रामीणों की बिजली और सुरक्षा संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था करता है।
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