
रतलाम, 2 अक्टूबर 2026। सड़क हादसे के बाद घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित करने के लिए रतलाम पुलिस राहवीर योजना के तहत लगातार काम कर रही है। पुलिस के अनुसार, जिले में अब तक ऐसे 16 प्रकरण तैयार कर संबंधित कार्यालयों को भेजे गए हैं, जिनमें से चार मामलों में स्वीकृति के बाद राहवीरों को पुरस्कार राशि मिल चुकी है।
गोल्डन ऑवर में मदद करने वालों को मिल रहा प्रोत्साहन
सड़क दुर्घटना के बाद शुरुआती एक घंटे को घायल व्यक्ति के उपचार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। केंद्र सरकार की गुड सेमेरिटन यानी राहवीर योजना का उद्देश्य ऐसे नागरिकों को प्रोत्साहित करना है, जो गंभीर सड़क हादसे में घायल व्यक्ति की तत्काल मदद करते हैं और उसे गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुंचाने में सहयोग करते हैं। योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार पात्र राहवीर को प्रति घटना 25 हजार रुपये तक पुरस्कार दिए जाने का प्रावधान है।
रतलाम पुलिस के मुताबिक, पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के मार्गदर्शन और डीएसपी यातायात आनंद सोनी के नेतृत्व में यातायात शाखा सड़क दुर्घटना के मामलों में मदद करने वाले नागरिकों की पहचान कर रही है। पात्र मामलों में आवश्यक दस्तावेज तैयार कर संबंधित कार्यालयों को भेजे जा रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि दुर्घटना देखकर लोग मदद के लिए आगे आएं और घायल को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सके, इसी उद्देश्य से राहवीरों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
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चार राहवीरों को मिल चुकी पुरस्कार राशि
रतलाम पुलिस के अनुसार, अब तक चार प्रकरणों में राहवीरों को पुरस्कार राशि प्राप्त हो चुकी है।
- स्टेशन रोड थाना: प्रकरण क्रमांक 77/2026 में राजवीर भूपेंद्र दिसोरिया को 25 हजार रुपये।
- औद्योगिक क्षेत्र रतलाम थाना: प्रकरण क्रमांक 355/2026 में राजवीर कमलसिंह चौहान को 5 हजार रुपये।
- आलोट थाना: प्रकरण क्रमांक 49/2026 में राहवीर युवराजसिंह को 25 हजार रुपये।
- सरवन थाना: प्रकरण क्रमांक 38/2026 में राजवीर दिलीप पारगी और पंकज मईड़ा को संयुक्त रूप से 25 हजार रुपये।
पुलिस के अनुसार, पुरस्कार राशि संबंधित योजना के प्रावधानों के आधार पर स्वीकृत हुई है। दो प्रकरण कमी पूरी करने के बाद परिवहन आयुक्त कार्यालय, ग्वालियर को दोबारा भेजे गए हैं। छह मामलों में दस्तावेजों की पूर्ति की प्रक्रिया बाकी है, जबकि चार प्रकरण कलेक्टर कार्यालय स्तर पर प्रक्रियाधीन हैं।
अन्य मामलों में भी प्रक्रिया जारी
रतलाम जिले के नामली, स्टेशन रोड, औद्योगिक क्षेत्र रतलाम, शिवगढ़, रावटी और बिलपांक थानों से सामने आए अन्य राहवीरों के प्रकरणों में भी दस्तावेजी प्रक्रिया जारी है।
डीएसपी यातायात आनंद सोनी ने कहा कि दुर्घटना के बाद घायल को समय पर अस्पताल पहुंचाना कई बार बेहद महत्वपूर्ण साबित होता है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि हादसे की स्थिति में घायलों की मदद के लिए आगे आएं, पुलिस और आपातकालीन सेवाओं को सूचना दें तथा संभव हो तो घायल को जल्द से जल्द नजदीकी अस्पताल या ट्रॉमा सेंटर पहुंचाने में सहयोग करें।
रतलाम पुलिस के अनुसार, सड़क सुरक्षा केवल यातायात नियमों के पालन तक सीमित नहीं है। दुर्घटना के समय मानवीय संवेदना के साथ मदद करना भी सड़क सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
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