
शहर के प्रशासनिक और कारोबारी गलियारों में इन दिनों एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी और उनकी कथित आईटी कंपनी को लेकर चर्चाओं का दौर तेज है। खबर के मुताबिक, रिटायरमेंट के बाद भी साहब की सक्रियता कम नहीं हुई है और अब उनका नाम जमीन से जुड़े एक नए मामले में सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि जिस विभाग में उन्होंने लंबे समय तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं, उसी विभाग से जुड़े कुछ भूमि मामलों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने स्थानीय स्तर पर कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
सूत्रों के अनुसार, अधिकारी ने सेवा काल के दौरान आईटी सेक्टर से जुड़ी एक कंपनी के नाम पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए कुछ महत्वपूर्ण जमीनों पर रुचि दिखाई थी। खबर में दावा किया गया है कि रिटायरमेंट के बाद यह रुचि और बढ़ गई और कंपनी के विस्तार के नाम पर कई भूखंडों को लेकर गतिविधियां तेज हुईं। खास बात यह बताई जा रही है कि संबंधित विभाग से जुड़े कुछ अधिकारियों और स्थानीय लोगों के बीच इस मामले को लेकर लगातार बैठकों और चर्चाओं का सिलसिला जारी है।
खबर में यह भी कहा गया है कि जिन जमीनों पर नजर है, वे भविष्य में व्यावसायिक रूप से काफी अहम मानी जा रही हैं। इन्हीं संभावनाओं को देखते हुए कंपनी की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि इस पूरे मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है, लेकिन प्रशासनिक हलकों में इसे लेकर चर्चा लगातार गर्म है। कई लोग इसे रिटायरमेंट के बाद भी प्रभाव और संपर्कों के इस्तेमाल से जोड़कर देख रहे हैं।
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि कुछ जमीन विवादों में संबंधित विभाग और निजी पक्षों के बीच बातचीत का दौर जारी है। इस बीच अधिकारी की कथित कंपनी का नाम सामने आने से मामला और भी चर्चित हो गया है। लोग इसे जमीन के बढ़ते मूल्य, निवेश की संभावनाओं और प्रशासनिक संपर्कों के प्रभाव के नजरिए से देख रहे हैं।
फिलहाल यह खबर शहर में चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है। प्रशासनिक गलियारों से लेकर कारोबारी वर्ग तक इस पूरे मामले को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में यदि इस पर कोई आधिकारिक बयान या दस्तावेज सामने आते हैं, तो मामला और भी बड़ा रूप ले सकता है।
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