
सार
अरविन्द तिवारी | रीवा जिले के पड़रिया पंचायत अंतर्गत बधवा और रायपुर क्षेत्र से ग्रामीण सुविधाओं की स्थिति को लेकर सवाल खड़े करने वाली तस्वीर सामने आई है। सड़क सुविधा नहीं होने के कारण एक बीमार मरीज को ग्रामीण खटोले में लादकर संजय गांधी अस्पताल ले जाने को मजबूर हुए। ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के करीब 80 वर्ष बाद भी गांव तक पक्की सड़क नहीं पहुंची है। उन्होंने प्रशासन से सड़क निर्माण और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
विस्तार
रीवा जिले के पड़रिया पंचायत अंतर्गत बधवा और रायपुर क्षेत्र में सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के अभाव का मामला सामने आया है। यहां एक मरीज को इलाज के लिए अस्पताल ले जाने के दौरान ग्रामीणों को खटोले का सहारा लेना पड़ा। सड़क सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीज को वाहन से अस्पताल तक पहुंचाना मुश्किल बताया गया, जिसके बाद ग्रामीण खटोले में मरीज को लेकर निकले।
ग्रामीणों के अनुसार गांव तक पक्की सड़क नहीं होने की वजह से सबसे ज्यादा परेशानी बीमारी और आपात स्थिति के दौरान होती है। सामान्य दिनों में किसी तरह आवाजाही हो जाती है, लेकिन जब किसी व्यक्ति की तबीयत बिगड़ती है तो उसे अस्पताल पहुंचाना चुनौती बन जाता है। सामने आई तस्वीर इसी परेशानी को उजागर करती है।
ग्रामीणों का दावा है कि देश की आजादी के करीब 80 वर्ष बीत जाने के बाद भी गांव तक पक्की सड़क जैसी मूलभूत सुविधा नहीं पहुंच सकी है। उनका कहना है कि सड़क नहीं होने से बच्चों, बुजुर्गों, मरीजों और रोजमर्रा के काम के लिए आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
मरीज को खटोले में अस्पताल ले जाने की तस्वीर सामने आने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों के जमीनी क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव की सड़क समस्या का स्थायी समाधान किया जाए और सड़क निर्माण के साथ अन्य जरूरी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएं।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण होने से न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि आपात स्थिति में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में भी मदद मिलेगी। अब देखना होगा कि प्रशासन इस समस्या का संज्ञान लेकर सड़क निर्माण की दिशा में क्या कदम उठाता है।
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