
सागर (मप्र) – सागर जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट कार्यालय में मंगलवार, 24 मार्च को उस वक्त हड़कंप मच गया जब जनसुनवाई के दौरान एक युवक ने खुद पर पेट्रोल छिड़क कर आत्मदाह करने का प्रयास किया। इस घटना ने प्रशासनिक सुरक्षा और जनसुनवाई की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, बंडा जनपद की ग्राम पंचायत हिंडोरिया के अंतर्गत आने वाले ग्राम सिगदोनी निवासी मोनू अहिरवार लंबे समय से अपनी किसी समस्या को लेकर सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा था। पीड़ित का आरोप है कि पंचायत सचिव उसे लगातार परेशान कर रहा था और उसकी वाजिब शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा था।
प्रशासन की लचर कार्यप्रणाली और बार-बार की गुहार अनसुनी होने से हताश होकर मोनू मंगलवार को हाथ में पेट्रोल की बोतल लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचा और देखते ही देखते खुद पर पेट्रोल उड़ेल लिया। वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों और अन्य लोगों ने तत्परता दिखाते हुए उसे आग लगाने से रोका, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
तहसीलदार ने दिए कार्यवाही के आदेश
घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद अधिकारियों ने युवक को सुरक्षित किया और उसकी व्यथा सुनी। मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार ने संबंधित पंचायत सचिव के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। तहसीलदार ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार या कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
प्रशासनिक सुरक्षा पर सवाल
कलेक्ट्रेट जैसी संवेदनशील जगह पर, जहां मेटल डिटेक्टर और सुरक्षा बल तैनात रहते हैं, एक युवक पेट्रोल लेकर अंदर कैसे प्रवेश कर गया? यह एक बड़ा सवाल है। इस घटना के बाद कलेक्ट्रेट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा करने की बात कही जा रही है।
- sagar-collectorate-self-immolation-attempt-administrative-security-concerns









