
ब्रांडवाणी डेस्क: सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर शुक्रवार 27 मार्च को ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमले में अमेरिकी एयर फोर्स के एक महत्वपूर्ण E-3 Sentry AWACS विमान को गंभीर नुकसान पहुंचा। इस हमले में 10 से अधिक अमेरिकी सैनिक घायल हुए, जिनमें से दो की स्थिति गंभीर बताई गई है। इसके अलावा, बेस पर तैनात एयरल रिफ्यूलिंग टैंकर भी प्रभावित हुए।
E-3 Sentry की अहमियत:
E-3 Sentry AWACS विमान अमेरिकी वायु संचालन का मुख्य स्तंभ है। यह फ्लाइंग कमांड सेंटर के रूप में कार्य करता है, जो कमांड और कंट्रोल, इंटेलिजेंस, सर्विलांस और रीकॉनिसेंस प्रदान करता है। 1970 के दशक से सेवा में मौजूद यह विमान डेजर्ट स्टॉर्म, कोसोवो युद्ध, इराक और अफगानिस्तान अभियानों में अहम भूमिका निभा चुका है। E-3 अन्य देशों जैसे फ्रांस, ब्रिटेन और सऊदी अरब को भी निर्यात किया गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि E-3 की क्षति से युद्धक्षेत्र में समन्वय पर गंभीर असर पड़ेगा। Heather Penney, पूर्व F-16 पायलट और Mitchell Institute की विश्लेषक ने इसे “अत्यंत गंभीर समस्या” बताया। उनका कहना है कि AWACS प्लेटफॉर्म बिना एयरस्पेस मैनेजमेंट और टारगेटिंग के, युद्ध संचालन में बड़े अंतर ला सकते हैं।
हमले की रणनीति:
प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर हमला ईरानी “असिमेट्रिक काउंटर एयर अभियान” का हिस्सा हो सकता है। यह बेस अमेरिकी ऑपरेशंस का महत्वपूर्ण हब है और AWACS जैसी हाई-वैल्यू संपत्तियों के लिए उच्च मूल्य का लक्ष्य है।
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