
दूसरे जिले से संभाल रही एसपी मैडम अपने जिले की कमान, एक युवा आईपीएस मैडम की कार्यशैली इन दिनों उनके महकमे में खूब चर्चा का विषय बनी हुई है। मैडम का अपना जिला तो है, लेकिन उनकी मौजूदगी पड़ोसी जिले में ज्यादा नजर आती है। बताया जाता है कि गुरुवार को मैडम पड़ोसी जिले के लिए निकल जाती हैं और फिर सीधे सोमवार को अपने जिले में वापस होती हैं। यानी सप्ताह के चार से पांच दिन मैडम पड़ोसी जिले से ही अपने जिले की कमान संभालती हैं। उनकी इस कार्यशैली को लेकर महकमे में चर्चा है और अधिकारी-कर्मचारियों के बीच भी इसे लेकर तरह-तरह की बातें सामने आ रही हैं।
अब असली कहानी यह है कि अगर कोई टीआई या अधीनस्थ कर्मचारी छुट्टी की गुहार लेकर मैडम के पास पहुंच जाए तो उसे छुट्टी मिलने के बजाय फटकार जरूर मिल जाती है। महकमे में इस पर सवाल भी उठ रहे हैं कि जब अधीनस्थों के लिए छुट्टी इतनी मुश्किल है, तो मैडम की अपनी गैरमौजूदगी का हिसाब कौन रख रहा है? मामला यहीं खत्म नहीं होता। मैडम की कार्यप्रणाली को लेकर मंत्री से लेकर कुछ जनप्रतिनिधियों तक ने राजधानी में सरकार के स्तर पर शिकायत की है। शिकायतों के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस पूरे मामले को लेकर क्या संज्ञान लेती है और मैडम की कार्यशैली में कोई बदलाव होता है या नहीं।
महकमे में सबसे ज्यादा चर्चा इसी बात की है कि एक तरफ अधीनस्थ कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए छुट्टी को लेकर सख्ती दिखाई जाती है, वहीं दूसरी तरफ मैडम के सप्ताह के चार से पांच दिन पड़ोसी जिले में रहने की बात कही जा रही है। इससे विभागीय स्तर पर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है। अब शिकायतें सरकार तक पहुंचने के बाद निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि शासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है। फिलहाल मैडम की कार्यशैली और उनके दूसरे जिले से अपने जिले की कमान संभालने को लेकर पुलिस महकमे में चर्चा का दौर जारी है।
- sp-madam-managing-own-district-from-neighbouring-district






