
राजस्थान में शिक्षक भर्ती परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों की जांच प्रक्रिया को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। जयपुर में परीक्षा केंद्रों पर महिलाओं के दुपट्टे हटाकर जांच करने के मामले पर परीक्षा बोर्ड के चेयरमैन ने सख्त फटकार लगाई है। उन्होंने इसे अनुचित बताते हुए स्पष्ट किया कि जांच के नाम पर अभ्यर्थियों की गरिमा से कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
विवाद केवल जयपुर तक सीमित नहीं रहा। भीलवाड़ा में एक महिला अभ्यर्थी की कान की ज्वेलरी काटने का मामला सामने आया, जिससे अभ्यर्थियों में आक्रोश फैल गया। वहीं, अलवर में हाथ में बंधे धार्मिक धागे के कारण एक परीक्षार्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया, जिस पर परिजनों और अन्य अभ्यर्थियों ने आपत्ति जताई।
परीक्षा बोर्ड के चेयरमैन ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सुरक्षा और नकल रोकने के नाम पर किसी भी अभ्यर्थी के साथ अपमानजनक व्यवहार न हो। उन्होंने कहा कि यदि किसी अभ्यर्थी के पहनावे को लेकर संदेह है तो सम्मानजनक और संवेदनशील तरीके से जांच की जाए, न कि बलपूर्वक।
शिक्षक भर्ती परीक्षा को लेकर उठे इन मामलों ने प्रशासनिक संवेदनशीलता और परीक्षा प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि निष्पक्षता के साथ-साथ मानवीय दृष्टिकोण अपनाना जरूरी है, ताकि परीक्षार्थियों का भरोसा परीक्षा प्रणाली पर बना रहे।









