WB SIR Case LIVE: Supreme Court में Mamata Banerjee की याचिका पर सुनवाई, TMC ने बताया ‘लोकतंत्र पर हमला’

West Bengal SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज दलीलें, चुनाव प्रक्रिया पर उठे सवाल

पश्चिम बंगाल (West Bengal) में लागू किए गए Special Intensive Revision (SIR) को लेकर सियासी घमासान अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की ओर से दाखिल याचिका पर आज शीर्ष अदालत में सुनवाई हो रही है।

ममता बनर्जी ने SIR प्रक्रिया को चुनाव से पहले मतदाता सूची में दखल बताते हुए इसे लोकतंत्र के लिए खतरा करार दिया है।

🔴 LIVE UPDATES

🕙 सुबह 10:45 बजे

सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई शुरू।
पीठ ने सभी पक्षों से संक्षिप्त लेकिन ठोस दलीलें रखने को कहा।

🕚 सुबह 11:15 बजे

ममता बनर्जी की ओर से पेश वकील ने कहा:

  • SIR प्रक्रिया से वैध मतदाताओं के नाम हटाए जा सकते हैं
  • यह कदम चुनावी निष्पक्षता को प्रभावित करेगा
  • राज्य सरकार से परामर्श के बिना यह फैसला लिया गया

🕛 दोपहर 12:00 बजे

चुनाव आयोग की ओर से दलील:

  • SIR का मकसद मतदाता सूची को सटीक और पारदर्शी बनाना है
  • किसी भी मतदाता के अधिकार को नुकसान नहीं पहुंचेगा

कोर्ट ने पूछा— “क्या समय और प्रक्रिया पर कोई वैकल्पिक व्यवस्था हो सकती है?”

⚖️ WB SIR विवाद क्या है?

  • SIR यानी Special Intensive Revision
  • इसका उद्देश्य मतदाता सूची की दोबारा गहन जांच
  • विपक्ष का आरोप:
    • चुनाव से ठीक पहले यह प्रक्रिया राजनीतिक रूप से प्रेरित
    • खास वर्ग के वोटर्स को प्रभावित करने की कोशिश

🗣️ राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज

TMC का आरोप

  • यह बंगाल की चुनावी प्रक्रिया में केंद्र का हस्तक्षेप है
  • जनता के वोट के अधिकार से खिलवाड़

BJP का जवाब

  • मतदाता सूची की शुद्धता जरूरी
  • विपक्ष डर की राजनीति कर रहा है

📌 सुप्रीम कोर्ट का रुख क्यों अहम?

विशेषज्ञों के मुताबिक:

  • कोर्ट का फैसला देशभर की चुनावी प्रक्रियाओं पर असर डालेगा
  • यह तय होगा कि चुनाव से पहले SIR जैसी कवायद की सीमा क्या होनी चाहिए
  • राज्यों और चुनाव आयोग के अधिकारों की भी व्याख्या होगी

🧾 निष्कर्ष

पश्चिम बंगाल SIR मामला अब सिर्फ एक राज्य का मुद्दा नहीं रहा। ममता बनर्जी बनाम चुनाव आयोग की यह कानूनी लड़ाई देश में चुनावी पारदर्शिता, संघीय ढांचे और लोकतांत्रिक अधिकारों पर बड़ा असर डाल सकती है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने वाले चुनावों की दिशा तय कर सकता है।

  • gaurav singh rajput

    gaurav singh rajput

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