
मैहर/ देवेश शर्मा: मैहर जिले के अमरपाटन स्थित सिविल अस्पताल में इन दिनों एक बेहद गंभीर समस्या सामने आ रही है। दूर-दराज के ग्रामीण अंचलों से इलाज कराने पहुंचने वाले मरीज और उनके परिजन इस भीषण गर्मी में पीने के पानी के लिए परेशान नजर आ रहे हैं।
पानी हर जीवित प्राणी के लिए सबसे जरूरी आवश्यकता
पानी, जो हर जीवित प्राणी के लिए सबसे जरूरी आवश्यकता है, वही अस्पताल परिसर में उपलब्ध नहीं है। चिलचिलाती धूप में जब मरीज अस्पताल पहुंचते हैं, तो उन्हें उपचार के साथ-साथ प्यास से भी जूझना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि अस्पताल में कहीं भी स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था दिखाई नहीं देती।
मजबूरी में प्यासे ही इंतजार करना पड़ता है
मरीजों के अनुसार, न तो वाटर कूलर ठीक से काम कर रहे हैं और न ही पीने के पानी की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। ऐसे में मरीजों और उनके परिजनों को या तो बाहर से पानी खरीदना पड़ता है या फिर मजबूरी में प्यासे ही इंतजार करना पड़ता है।
अमरपाटन क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों की कमी नहीं
हैरानी की बात यह है कि अमरपाटन क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों की कमी नहीं है, इसके बावजूद इस बुनियादी समस्या की ओर अब तक गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया। स्वास्थ्य जैसी महत्वपूर्ण सेवा में इस तरह लापरवाही कई सवाल खड़े करती है।
सिविल अस्पताल मैहर का औचक निरीक्षण
हाल ही में मैहर कलेक्टर विदिशा मुखर्जी ने सिविल अस्पताल मैहर का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए थे।
ऐसे में अब उम्मीद जताई जा रही है कि वे अमरपाटन सिविल अस्पताल का भी निरीक्षण कर यहां की कमियों को दूर करने के लिए सख्त कदम उठाएंगी।
जल्द समाधान सुनिश्चित करें
स्थानीय जनप्रतिनिधियों वर्तमान विधायक डॉ राजेंद्र सिंह, पूर्व मंत्री रामखेलावन पटेल सहित प्रशासनिक अधिकारियों जैसे एसडीएम आरती सिंह पर टिकी है कि वे इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान सुनिश्चित करें।
खबर सामने आने के बाद जिम्मेदार लोग कब तक जागते हैं और मरीजों को इस बुनियादी समस्या से कब राहत मिलती है। फिलहाल, अमरपाटन सिविल अस्पताल में इलाज के साथ “पानी” भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
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