
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने उच्च शिक्षण संस्थानों को जुलाई सत्र से SWAYAM MOOCs को पाठ्यक्रम के साथ प्रभावी ढंग से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य छात्रों को ऑनलाइन माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना और उन्हें अपनी डिग्री के दौरान अतिरिक्त विषयों का अध्ययन करने का अवसर देना है। नए निर्देश के बाद विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को छात्रों का SWAYAM पोर्टल पर पंजीकरण सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
क्या है SWAYAM MOOCs?
SWAYAM (Study Webs of Active Learning for Young Aspiring Minds) भारत सरकार का ऑनलाइन शिक्षण प्लेटफॉर्म है, जहां विभिन्न विश्वविद्यालयों और संस्थानों के प्रमाणित पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। MOOCs (Massive Open Online Courses) के माध्यम से छात्र अपनी नियमित पढ़ाई के साथ-साथ अलग-अलग विषयों के ऑनलाइन कोर्स कर सकते हैं। सफलतापूर्वक कोर्स पूरा करने पर उन्हें प्रमाणपत्र और निर्धारित नियमों के अनुसार अकादमिक क्रेडिट भी मिल सकते हैं।
UGC के नए निर्देश में क्या कहा गया है?
UGC ने सभी उच्च शिक्षण संस्थानों से कहा है कि वे जुलाई सत्र से छात्रों का SWAYAM प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण सुनिश्चित करें और अधिक से अधिक छात्रों को ऑनलाइन पाठ्यक्रमों से जोड़ें। संस्थानों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि छात्र उपलब्ध कोर्स, क्रेडिट ट्रांसफर और परीक्षा प्रक्रिया की जानकारी समय पर प्राप्त करें।
छात्रों की पढ़ाई और डिग्री पर क्या होगा असर?
विशेषज्ञों के अनुसार, SWAYAM MOOCs के एकीकरण से छात्रों को अपनी पढ़ाई में अधिक लचीलापन मिलेगा। वे नियमित पाठ्यक्रम के साथ अतिरिक्त विषयों का अध्ययन कर सकेंगे और निर्धारित नियमों के तहत अर्जित क्रेडिट को अपनी डिग्री में शामिल भी कर सकेंगे। इससे छात्रों के कौशल विकास, रोजगार क्षमता और बहुविषयक शिक्षा को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
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