
सागर।मनीष कुमार चौबे| प्रख्यात संत रावतपुरा सरकार ने डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय, सागर पहुंचकर विश्वविद्यालय के संस्थापक एवं महान शिक्षाविद डॉ. हरीसिंह गौर को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने समाधि स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया और बाद में विश्वविद्यालय परिसर स्थित गौर संग्रहालय का भी अवलोकन किया।
गौर संग्रहालय में जाना विश्वविद्यालय का इतिहास
संग्रहालय भ्रमण के दौरान प्रो. श्वेता यादव ने संत रावतपुरा सरकार को डॉ. हरीसिंह गौर से जुड़े दुर्लभ दस्तावेजों, व्यक्तिगत वस्तुओं और विश्वविद्यालय के इतिहास की जानकारी दी। उन्होंने संग्रहालय के विभिन्न प्रभागों का भी अवलोकन किया।
‘ज्ञान का दीप आज भी लाखों जीवन रोशन कर रहा’
इस अवसर पर संत रावतपुरा सरकार ने कहा कि डॉ. हरीसिंह गौर ने वर्ष 1946 में विश्वविद्यालय की स्थापना कर शिक्षा का जो दीप प्रज्वलित किया था, उसकी रोशनी आज भी लाखों-करोड़ों लोगों तक पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि छात्र और आमजन आज भी उन्हें स्नेहपूर्वक “गौर बब्बा” कहकर याद करते हैं।
डॉ. गौर के योगदान को किया नमन
संत रावतपुरा सरकार ने डॉ. गौर को युगदृष्टा शिक्षाविद बताते हुए कहा कि उनके द्वारा बोया गया ज्ञान का बीज आज विशाल वटवृक्ष बन चुका है। उन्होंने समाज के लिए उनके योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।
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