भारत का नया सबसे लंबा नदी पुल तैयार, कच्ची दरगाह-बिदुपुर ब्रिज से बदल जाएगी बिहार की कनेक्टिविटी

बिहार के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए बड़ी खबर है। पटना और वैशाली के बीच गंगा नदी पर बन रहा कच्ची दरगाह-बिदुपुर छह लेन पुल अब तैयार हो चुका है। करीब 9.75 किलोमीटर लंबे मुख्य पुल को गंगा पर बने भारत के सबसे लंबे नदी पुल के रूप में देखा जा रहा है। पूरी परियोजना, जिसमें एप्रोच रोड भी शामिल हैं, करीब 19.75 किलोमीटर की है।

पटना और वैशाली के बीच बनेगा सीधा संपर्क

कच्ची दरगाह-बिदुपुर पुल का निर्माण पटना जिले के कच्ची दरगाह क्षेत्र को वैशाली जिले के बिदुपुर इलाके से जोड़ने के लिए किया गया है। यह छह लेन का एक्स्ट्राडोज्ड केबल ब्रिज है, जो उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच सड़क संपर्क को मजबूत करेगा।

परियोजना के पूरे कॉरिडोर की लंबाई करीब 19.759 किलोमीटर है, जिसमें गंगा के ऊपर 9.759 किलोमीटर का मुख्य पुल और दोनों तरफ की एप्रोच सड़कें शामिल हैं।  

गंगा पर 9.75 किमी लंबा पुल

इस पुल की सबसे बड़ी खासियत इसका विशाल आकार है। गंगा नदी के ऊपर बना मुख्य पुल करीब 9.75 किलोमीटर लंबा है। इसके निर्माण से बिहार में गंगा पार आवागमन के लिए एक नया और महत्वपूर्ण मार्ग तैयार हुआ है।

उपलब्ध परियोजना दस्तावेज के अनुसार पुल में छह लेन की सड़क व्यवस्था है और इसका डिजाइन एक्स्ट्राडोज्ड केबल ब्रिज के रूप में तैयार किया गया है।

5 हजार करोड़ रुपये के करीब लागत

कच्ची दरगाह-बिदुपुर परियोजना पर करीब 4,988 करोड़ रुपये खर्च होने की जानकारी सामने आई है। निर्माण का काम एलएंडटी और दक्षिण कोरिया की दायवू ईएंडसी के संयुक्त उपक्रम द्वारा किया गया है।

यह परियोजना केवल एक पुल तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके साथ एप्रोच रोड, जंक्शन और अन्य कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर भी विकसित किए गए हैं। इससे पुल को आसपास के राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जोड़ने में मदद मिलेगी।

उत्तर और दक्षिण बिहार का सफर होगा आसान

पुल के शुरू होने के बाद पटना से वैशाली और उत्तर बिहार के कई हिस्सों तक आवागमन पहले की तुलना में आसान होने की उम्मीद है। इस कॉरिडोर से दक्षिण बिहार और उत्तर बिहार के बीच सड़क संपर्क को नया विकल्प मिलेगा।

इससे मौजूदा गंगा पुलों पर ट्रैफिक का दबाव कम करने में भी मदद मिल सकती है। परियोजना का एक प्रमुख उद्देश्य पटना के आसपास बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना और क्षेत्रीय यातायात को सुगम बनाना है।

बिहार के लिए क्यों खास है यह पुल?

कच्ची दरगाह-बिदुपुर पुल की खासियत सिर्फ इसकी लंबाई नहीं है। यह बिहार का महत्वपूर्ण छह लेन एक्स्ट्राडोज्ड ब्रिज है। इसके जरिए गंगा के दोनों किनारों के बीच तेज सड़क संपर्क विकसित होगा।

बिहार में लंबे समय से गंगा नदी के कारण उत्तर और दक्षिण हिस्सों के बीच सड़क कनेक्टिविटी एक बड़ी चुनौती रही है। ऐसे में इस तरह की बड़ी परियोजनाएं परिवहन के साथ-साथ व्यापार और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी गति दे सकती हैं।

निर्माण पूरा, अब उद्घाटन का इंतजार

जुलाई 2026 में सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक परियोजना का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और राज्य सरकार की ओर से इसके उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित करने की मांग की गई थी। 

यानी पुल अब तकनीकी और निर्माण के स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल कर चुका है। लोगों को इसके पूरी तरह सार्वजनिक उपयोग के लिए खुलने का इंतजार है।

पुराने पुलों पर कम हो सकता है दबाव

पटना और उत्तर बिहार के बीच पहले से मौजूद गंगा पुलों पर लगातार बढ़ते यातायात के कारण दबाव बना रहता है। नया छह लेन पुल इस ट्रैफिक को वैकल्पिक रास्ता देगा।

विशेषज्ञों और अधिकारियों के अनुसार बेहतर कनेक्टिविटी से यात्रा समय कम होने के साथ माल परिवहन को भी फायदा मिल सकता है। इससे पटना, वैशाली और आसपास के क्षेत्रों के आर्थिक संपर्क मजबूत होने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर, कच्ची दरगाह-बिदुपुर पुल बिहार के सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। करीब 9.75 किलोमीटर लंबे मुख्य पुल और लगभग 19.75 किलोमीटर के पूरे कॉरिडोर के साथ यह परियोजना गंगा पार कनेक्टिविटी को नई दिशा देने वाली है। 

नोट: “भारत का सबसे लंबा नदी पुल” का दर्जा मुख्य पुल की लंबाई के संदर्भ में है; भारत का सबसे लंबा पुल कुल लंबाई के आधार पर मुंबई का अटल सेतु है।

 
 
  • Kacchi-Dargah-Bidupur-Bridge-New-Longest-River-Bridge-India-Bihar
  • Manisha Gupta

    Manisha Gupta

    Related Posts

    जंतर-मंतर प्रदर्शन मामला: क्राइम ब्रांच पहुंचें सौरभ दास और आशुतोष रांका

    नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़े मामले…

    मैहर में युवा मोर्चा की रैलियों से संगठन और सत्ता के बीच दूरी की चर्चा

    मैहर। भारतीय जनता युवा मोर्चा के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष…

    You Missed

    ₹12,668 करोड़ के कर्ज में वीडियोकॉन के पूर्व प्रमोटर वेणुगोपाल धूत बैंकरप्ट घोषित, SBI की बड़ी कार्रवाई

    ₹12,668 करोड़ के कर्ज में वीडियोकॉन के पूर्व प्रमोटर वेणुगोपाल धूत बैंकरप्ट घोषित, SBI की बड़ी कार्रवाई

    आधार की जगह वोटर ID और बायोमेट्रिक से मिलेगा सरकारी योजनाओं का पैसा? ललन सिंह के बयान से हलचल

    आधार की जगह वोटर ID और बायोमेट्रिक से मिलेगा सरकारी योजनाओं का पैसा? ललन सिंह के बयान से हलचल

    Denza Z9 GT की पहली झलक! अगले हफ्ते भारत में लॉन्च होगी नई लग्जरी कार कंपनी

    Denza Z9 GT की पहली झलक! अगले हफ्ते भारत में लॉन्च होगी नई लग्जरी कार कंपनी

    Ultraviolette का AI स्मार्ट हेलमेट लॉन्च! हाई-टेक फीचर्स और फ्यूचरिस्टिक लुक ने खींचा सबका ध्यान

    Ultraviolette का AI स्मार्ट हेलमेट लॉन्च! हाई-टेक फीचर्स और फ्यूचरिस्टिक लुक ने खींचा सबका ध्यान

    शिवराज सिंह चौहान की मां काशी बाई का निधन, जैत में आज अंतिम संस्कार

    शिवराज सिंह चौहान की मां काशी बाई का निधन, जैत में आज अंतिम संस्कार