नए हाईवे पर 2-3 महीने नहीं लगेगा टोल, उद्घाटन से पहले होगा ‘रोड टेस्ट’, सरकार ने बतायी नई योजना

देश में बन रहे नए हाईवे और एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता को लेकर सरकार अब बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। नए हाईवे का औपचारिक उद्घाटन करने से पहले उन्हें कुछ समय तक आम ट्रैफिक के लिए खोलकर उनकी वास्तविक स्थिति परखी जा सकती है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत करीब 2 से 3 महीने तक सड़क का ट्रायल रन कराया जा सकता है और इस दौरान वाहन चालकों से टोल नहीं लिया जाएगा।

उद्घाटन से पहले होगी सड़क की असली परीक्षा

नए हाईवे तैयार होने के बाद कई बार बारिश या भारी ट्रैफिक के कारण सड़क पर दरारें, गड्ढे, धंसने और अन्य तकनीकी समस्याएं सामने आ जाती हैं। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए सरकार अब हाईवे को औपचारिक रूप से जनता को समर्पित करने से पहले उसका वास्तविक ट्रैफिक के बीच परीक्षण करने के विकल्प पर विचार कर रही है।

इस व्यवस्था में निर्माण पूरा होने के बाद सड़क पर सामान्य यातायात को सीमित अवधि के लिए चलने दिया जाएगा। इससे इंजीनियरों और संबंधित एजेंसियों को यह पता लगाने का मौका मिलेगा कि हाईवे वास्तविक परिस्थितियों में कितना टिकाऊ है।

2-3 महीने तक चल सकता है ट्रायल

प्रस्तावित योजना के अनुसार नए हाईवे पर दो से तीन महीने तक ट्रायल रन कराया जा सकता है। इस दौरान सड़क पर वाहनों की आवाजाही होगी और उसकी गुणवत्ता को लगातार मॉनिटर किया जाएगा। अगर कहीं गड्ढे, दरार, जलभराव, सड़क धंसने या अन्य खामियां सामने आती हैं तो उद्घाटन से पहले उन्हें ठीक किया जा सकेगा।

यानी अब हाईवे का सिर्फ निर्माण पूरा होना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उसे वास्तविक यातायात के दबाव में भी अपनी गुणवत्ता साबित करनी होगी।

ट्रायल के दौरान नहीं देना होगा टोल

इस प्रस्ताव का सबसे बड़ा फायदा वाहन चालकों को मिल सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक ट्रायल अवधि के दौरान हाईवे पर चलने वाले वाहनों से टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा। यानी जनता को बिना टोल भुगतान किए नए हाईवे की सुविधा इस्तेमाल करने का मौका मिलेगा, जबकि सरकार को सड़क की वास्तविक कमियों की जानकारी मिलेगी।

हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह फिलहाल प्रस्तावित व्यवस्था है। प्रत्येक हाईवे पर इसके लागू होने के तौर-तरीकों और अंतिम नियमों की आधिकारिक अधिसूचना के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।

हालिया घटनाओं ने बढ़ाई चिंता

नए हाईवे के निर्माण के बाद जल्द ही सड़क खराब होने की घटनाओं ने गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ाई है। हाल ही में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के एक हिस्से में बारिश के बाद बड़े गड्ढों की खबर सामने आई थी। इससे यह सवाल उठा कि नई सड़क को यातायात के लिए खोलने से पहले उसकी गुणवत्ता और बारिश जैसी परिस्थितियों में प्रदर्शन की पर्याप्त जांच हुई थी या नहीं।

इसी तरह की समस्याओं को देखते हुए सरकार सड़क निर्माण की गुणवत्ता जांच को ज्यादा व्यावहारिक बनाने पर जोर दे रही है।

ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों की जवाबदेही बढ़ेगी

अगर यह व्यवस्था लागू होती है तो सड़क निर्माण करने वाली कंपनियों और एजेंसियों की जिम्मेदारी भी बढ़ सकती है। ट्रायल के दौरान सामने आने वाली कमियों को ठीक करना जरूरी होगा। इससे हाईवे के उद्घाटन के बाद अचानक सामने आने वाली तकनीकी समस्याओं को कम करने में मदद मिल सकती है।

सरकार पहले भी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की गुणवत्ता और रखरखाव की समीक्षा पर जोर देती रही है। जून 2026 में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने तेलंगाना, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में हजारों किलोमीटर के राष्ट्रीय राजमार्ग प्रोजेक्ट्स की गुणवत्ता, रखरखाव और प्रगति की समीक्षा की थी।

यात्रियों की सुरक्षा पर भी फोकस

नई व्यवस्था का उद्देश्य केवल सड़क की मजबूती जांचना नहीं, बल्कि वाहन चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी होगा। ट्रायल के दौरान हाईवे की डिजाइन, लेन व्यवस्था, जल निकासी, मोड़, पुल-पुलिया और अन्य हिस्सों की वास्तविक परिस्थितियों में निगरानी की जा सकेगी।

अगर किसी हिस्से में कमी सामने आती है तो उसे उद्घाटन से पहले दूर करने का अवसर मिलेगा। इससे भविष्य में सड़क खराब होने के कारण होने वाली दुर्घटनाओं और यात्रियों की परेशानी को कम करने में मदद मिल सकती है।

हाईवे निर्माण के तरीके में बड़ा बदलाव

सरकार की यह सोच हाईवे निर्माण को केवल ‘बना दो और उद्घाटन कर दो’ की प्रक्रिया से आगे ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। पहले सड़क को वास्तविक ट्रैफिक में परखा जाएगा और उसके बाद औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा।

हालांकि अभी यह प्रस्ताव अंतिम नीति के रूप में लागू नहीं हुआ है। इसके लिए विस्तृत नियम और दिशा-निर्देश सामने आना बाकी हैं। लेकिन अगर योजना लागू होती है तो भविष्य में नए हाईवे पर सफर करने वाले लोगों को उद्घाटन से पहले ही सड़क की सुविधा और सरकार को उसकी गुणवत्ता की वास्तविक परीक्षा का मौका मिलेगा।

 
 
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  • Manisha Gupta

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