
सागर/ मनीष कुमार चौबे: मध्य प्रदेश के सागर जिले में सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने और शिक्षकों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाया है। ई-अटेंडेंस नहीं लगाने और लंबे समय से बिना अनुमति ड्यूटी से नदारद रहने वाले कुल 71 शिक्षकों एवं कर्मचारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। मामले में विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद सेवा से पृथक करने की कार्रवाई की जा सकती है।
ई-अटेंडेंस नहीं लगाने पर विभाग सख्त
जिले के बंडा, देवरी, जैसीनगर, खुरई, राहतगढ़, शाहगढ़, सागर और बीना विकासखंड में पदस्थ कई शिक्षक और कर्मचारी निर्धारित व्यवस्था के तहत ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं करा रहे थे। राज्य सरकार की ओर से शिक्षक ऐप के माध्यम से ई-अटेंडेंस को अनिवार्य किया गया है। विभाग ने इसे सेवा नियमों के पालन से जोड़ते हुए लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई शुरू की है।
इसके अलावा कई कर्मचारी बिना पूर्व स्वीकृति के लंबे समय से अपने कार्यस्थल से अनुपस्थित पाए गए हैं। विभाग की जांच में सामने आए मामलों के बाद संबंधित कर्मचारियों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है।
41 शिक्षकों को व्यक्तिगत सुनवाई का मौका
जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद जैन ने मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियमों के तहत संबंधित शिक्षकों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। ई-अटेंडेंस नहीं लगाने वाले करीब 41 शिक्षकों को मंगलवार को व्यक्तिगत रूप से अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया।
वहीं, लंबे समय से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने वाले 22 शिक्षकों और कर्मचारियों की व्यक्तिगत सुनवाई बुधवार, 19 अगस्त को दोपहर 12:30 बजे जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में रखी गई थी।
गैरहाजिर रहने वालों पर एकतरफा कार्रवाई
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन कर्मचारियों को सुनवाई के लिए बुलाया गया है, यदि वे निर्धारित समय पर उपस्थित होकर अपना पक्ष नहीं रखते हैं तो उनके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की जा सकती है। विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद सेवा पृथक करने का अंतिम प्रस्ताव तैयार कर आयुक्त, लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल को भेजा जाएगा।
इन विकासखंडों के कर्मचारी कार्रवाई के दायरे में
लंबे समय से अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों में बंडा से नेहा चौधरी, सोहनलाल सौर, मुन्नालाल साहू और पर्वत सिंह गौड़, बीना से राकेश कुमार धुर्वे, देवरी से जूही बडोनिया, स्वाति ब्योहार और राजेंद्र चौबे शामिल हैं।
जैसीनगर से सरिता साहू, ललित मोहन शर्मा, अभिलाष ताम्रकार, आलिया नाज रंगरेज और करुणा सागर विश्वकर्मा के नाम सामने आए हैं। खुरई से अखिलेश साहू और राकेश कुमार आदिवासी, जबकि राहतगढ़ से मनोज विश्वकर्मा, ममता वैद्य और प्रेम सहाय गोंड कार्रवाई के दायरे में हैं।
सागर से हरप्रसाद पटेल, दीपक राज और दीपक श्रीवास्तव तथा शाहगढ़ से ऊषा किरण अहिरवार का नाम भी सूची में शामिल है।
14 शिक्षक पहले से निलंबित
जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद जैन के अनुसार, कुल 71 शिक्षकों को नोटिस दिए गए हैं। इनमें 14 शिक्षक लंबे समय से गैरहाजिर रहने के कारण पहले से निलंबित हैं, जबकि करीब 8 से 10 शिक्षक मेडिकल लीव पर हैं। विभाग का कहना है कि संबंधित शिक्षकों को नियमानुसार अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जा रहा है।
डीईओ ने स्पष्ट किया है कि सुनवाई और विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में ई-अटेंडेंस से बचने और बिना अनुमति लंबे समय तक ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों पर अब बर्खास्तगी की तलवार लटक रही है।
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