
रतलाम/मंदसौर। मध्य प्रदेश के रतलाम और मंदसौर क्षेत्र में वेटलिफ्टिंग की प्रतिभाओं के सामने प्रशिक्षण सुविधाओं की कमी बड़ी चुनौती बनती जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, पर्याप्त प्रशिक्षण केंद्र और जरूरी संसाधन उपलब्ध नहीं होने के कारण कई युवा खिलाड़ी वेटलिफ्टिंग छोड़ने को मजबूर हुए हैं।
खिलाड़ियों का कहना है कि बेहतर प्रशिक्षण के लिए उन्हें उचित जिम, उपकरण, प्रशिक्षक और नियमित अभ्यास की सुविधा चाहिए। स्थानीय स्तर पर इन सुविधाओं की कमी के कारण प्रतिभावान खिलाड़ियों को आगे बढ़ने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशिक्षण केंद्र और सुविधाओं की कमी बनी चुनौती
युवा वेटलिफ्टरों के सामने सबसे बड़ी समस्या नियमित और वैज्ञानिक प्रशिक्षण की है। खेल में आगे बढ़ने के लिए आधुनिक उपकरणों के साथ अनुभवी प्रशिक्षक की जरूरत होती है, लेकिन स्थानीय स्तर पर पर्याप्त सुविधाएं नहीं होने से खिलाड़ियों को परेशानी हो रही है।
कई खिलाड़ी आर्थिक और संसाधनों की सीमाओं के कारण दूसरे शहरों में जाकर प्रशिक्षण भी नहीं ले पाते। ऐसे में मेहनत और प्रतिभा होने के बावजूद उनका खेल करियर आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
प्रतिभाओं को सुविधाएं मिलने की जरूरत
क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन उन्हें उचित मंच और प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराना चुनौती बना हुआ है। खिलाड़ियों और खेल से जुड़े लोगों का मानना है कि यदि स्थानीय स्तर पर बेहतर प्रशिक्षण केंद्र, आधुनिक उपकरण और प्रशिक्षकों की व्यवस्था की जाए तो रतलाम-मंदसौर क्षेत्र से राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार किए जा सकते हैं।
वेटलिफ्टिंग जैसे खेलों में शुरुआती स्तर पर सही प्रशिक्षण मिलने से खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने में मदद मिलती है। ऐसे में युवा खिलाड़ियों को खेल से जोड़कर रखने के लिए बुनियादी सुविधाओं का विकास जरूरी माना जा रहा है।
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