
रीवा | अरविंद तिवारी: त्योंथर क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। नदी-नाले उफान पर हैं और सड़कें देखते ही देखते दरिया में तब्दील हो गई हैं। रायपुर-सोनोरी मार्ग कई जगह जलमग्न है, जबकि अमाव और पड़री में करीब पांच फीट पानी सड़क के ऊपर से तेज बहाव के साथ गुजर रहा है। बाढ़ के कारण करीब 40 गांवों का मुख्य मार्ग से संपर्क टूट गया है। बिजली सप्लाई भी प्रभावित हुई है और कई जगह लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों की छतों पर पहुंच गए।
सड़क बनी दरिया, पांच फीट पानी के बीच फंसे वाहन
लगातार बारिश के बाद त्योंथर क्षेत्र के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। रायपुर-सोनोरी को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर पानी का तेज बहाव होने से आवागमन पूरी तरह प्रभावित हुआ है। अमाव और पड़री गांव में सड़क के ऊपर करीब पांच फीट पानी बहने के कारण लोगों के लिए रास्ता पार करना बेहद जोखिम भरा हो गया है।
कई जगह पानी का बहाव इतना तेज है कि छोटे वाहनों के साथ बड़े वाहनों की आवाजाही भी मुश्किल हो गई है। ग्रामीणों को जरूरी काम के लिए भी जोखिम उठाकर निकलना पड़ रहा है।
बोलेरो पानी में फंसी, चालक ने छत पर चढ़कर बचाई जान
अमाव गांव में बाढ़ के पानी के बीच एक बोलेरो वाहन फंस गया। सड़क पर तेज बहाव के कारण चालक वाहन को आगे नहीं ले जा सका। देखते ही देखते पानी का दबाव बढ़ने लगा तो चालक ने समझदारी दिखाते हुए वाहन की छत पर चढ़कर अपनी जान बचाई।
घटना की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ट्रैक्टर की मदद से काफी मशक्कत के बाद बोलेरो को पानी के तेज बहाव से बाहर निकाला गया। इस घटना ने बाढ़ प्रभावित मार्गों पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
पड़री में पानी में फंसी बस, ग्रामीणों ने लगाया पूरा जोर
पड़री गांव में भी बाढ़ का पानी मुसीबत बनकर सामने आया। पानी के बीच एक बस फंस गई और उसके पहिए पानी में धंसने के कारण आगे बढ़ना मुश्किल हो गया।
बस को फंसा देख मौके पर मौजूद ग्रामीण एकजुट हुए और सभी ने मिलकर बस को धक्का लगाया। काफी प्रयास के बाद बस को पानी से बाहर निकाला जा सका। इस दौरान मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
पावर स्टेशन में घुसा पानी, कई गांवों में बिजली गुल
भारी बारिश और जलभराव का असर बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा है। चंद्रपुर और रायपुर-सोनोरी पावर स्टेशन में पानी घुसने के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसके चलते रायपुर, सोनारी और चांदपुर क्षेत्र के करीब 30 से 40 गांवों में बिजली गुल होने की जानकारी सामने आई है।
बिजली बंद होने से ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई है। जलभराव के बीच विद्युत व्यवस्था को सामान्य करना भी चुनौती बना हुआ है।
डीह पुल डूबा, टमस-बेलन समेत कई नदियां उफान पर
बारिश के चलते डीह पुल भी पानी में डूब गया है। क्षेत्र की टमस, बेलन, नैना और गोरमा नदियों का जलस्तर बढ़ने से वे उफान पर हैं। नदी-नालों में पानी बढ़ने के साथ आसपास के गांवों में बाढ़ का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है।
कई स्थानों पर पानी सड़कों के ऊपर से तेज बहाव के साथ गुजर रहा है। ऐसे में लोगों को नदी और जलभराव वाले रास्तों से दूर रहने की जरूरत है।
पुरानी बस्ती चारों ओर से पानी से घिरी
त्योंथर की पुरानी बस्ती में भी जलभराव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। चारों तरफ पानी भरने के कारण बस्ती टापू जैसी स्थिति में पहुंच गई है। लोगों का सामान्य आवागमन प्रभावित है और लगातार बारिश के बीच स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
प्रशासन के सामने राहत और बचाव की चुनौती
लगातार बिगड़ते हालात के बीच प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती लोगों को सुरक्षित रखना और प्रभावित इलाकों में आवागमन नियंत्रित करना है। तेज बहाव वाले रास्तों पर हादसे की आशंका बनी हुई है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत एवं बचाव दल तैनात किया जाए। जलमग्न मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के साथ लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था की जाए, ताकि किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।
फिलहाल त्योंथर में बारिश और बढ़ते जलस्तर ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। आने वाले घंटों में यदि बारिश का दौर जारी रहा तो स्थिति और गंभीर होने की आशंका बनी हुई है।
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