
सार
कुलदीप शर्मा | शिवपुरी जिले में पिछले 24 घंटे से जारी तेज बारिश के बीच मड़ीखेड़ा डैम के गेट इस सीजन में पहली बार खोल दिए गए हैं। डैम के चार गेटों से कुल 1172.75 क्यूमेक्स पानी सिंध नदी में छोड़ा जा रहा है। नदी-नालों के उफान और कई रास्तों पर जलभराव को देखते हुए प्रशासन ने सिंध नदी किनारे बसे गांवों में अलर्ट जारी किया है। वहीं सिरसौद थाना क्षेत्र के सिकराऊदा गांव में रपटा पार करते समय 21 वर्षीय श्रीराम रावत तेज बहाव में बह गया, जिसकी तलाश जारी है। लगातार बारिश को देखते हुए 5 सितंबर को जिले के सभी शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया है।
विस्तार
शिवपुरी। जिले में पिछले 24 घंटे से लगातार बारिश का दौर जारी है। बारिश के कारण शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगह जलभराव की स्थिति बन गई है। कई कॉलोनियों की सड़कें पानी में डूब गई हैं, वहीं नदी-नाले उफान पर हैं। हालात को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और जलभराव वाले स्थानों से दूर रहने की अपील की है।
इसी बीच लगातार पानी की आवक बढ़ने के बाद अटल सागर मड़ीखेड़ा डैम के चार गेट पहली बार खोले गए हैं। शुक्रवार शाम 4 बजे डैम का जलस्तर 345.15 मीटर पहुंच गया था। डैम की कुल क्षमता 346.25 मीटर है और इस समय यह करीब 90.90 प्रतिशत भर चुका है।
जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए डैम के चार गेटों से 1037.33 क्यूमेक्स और पावर हाउस से 135.42 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। इस तरह कुल 1172.75 क्यूमेक्स पानी सिंध नदी में छोड़ा जा रहा है। पानी छोड़े जाने के बाद नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क किया है।
सिंध नदी किनारे बसे मड़ीखेड़ा, धमकन, पचपेड़िया, कल्याणपुर, नानकपुर, सुल्तानपुर और पवा गांवों में अलर्ट जारी किया गया है। ग्रामीणों से नदी के आसपास नहीं जाने और पानी के तेज बहाव वाले स्थानों को पार करने का प्रयास नहीं करने की अपील की गई है।
वहीं मोहनी पिकअप वियर से प्रभावित होने वाले ख्यावदा, साबोली, सुडा, धमधौली, सीहोर, निहाबारा, सुड, पनघटा, मगरोनी और पुलाहा गांवों के ग्रामीणों को भी सावधानी बरतने के लिए कहा गया है।
बारिश के कारण पोहरी अनुविभाग में भी स्थिति प्रभावित हुई है। सकुला नदी के उफान पर आने के कारण छर्च-बिलौआ मार्ग बंद हो गया है। प्रशासन ने मौके पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की है, ताकि लोगों को तेज बहाव वाले रास्ते से गुजरने से रोका जा सके।
इधर सिरसौद थाना क्षेत्र के सिकराऊदा गांव में रपटा पार करते समय 21 वर्षीय श्रीराम पुत्र राजू रावत तेज बहाव में बह गया। घटना के बाद उसकी तलाश शुरू कर दी गई है। अब तक उसका पता नहीं चल सका है। प्रशासन और संबंधित टीमों की ओर से युवक की तलाश की जा रही है।
शिवपुरी शहर में भी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव हो गया। संजय कॉलोनी, नमो नगर, कमला हेरिटेज होटल के पास और रेलवे स्टेशन मार्ग सहित कई स्थानों पर पानी भर गया। कुछ जगहों पर घुटनों से अधिक पानी जमा होने से लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। जलभराव में फंसने के कारण कई वाहन भी बंद हो गए।
लगातार बारिश और नदी-नालों के उफान को देखते हुए जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए 5 सितंबर 2026 को जिले के सभी शैक्षणिक संस्थानों में एक दिन का अवकाश घोषित किया है। जिला शिक्षा अधिकारी आकाश सिंह यादव द्वारा जारी आदेश में शासकीय और अशासकीय स्कूलों के साथ केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, आईसीएसई और सीबीएसई से संबद्ध संस्थानों को भी शामिल किया गया है। यह आदेश कलेक्टर शिवपुरी की स्वीकृति के बाद जारी किया गया है।
प्रशासन के अनुसार, नदी-नालों में उफान और कई मार्गों के अवरुद्ध होने की स्थिति को देखते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है।
कलेक्टर कार्यालय की भू-संसाधन प्रबंधन शाखा के 4 सितंबर 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, शिवपुरी जिले में 1 जून से अब तक औसतन 764.46 मिमी बारिश दर्ज की गई है। जिले की सामान्य औसत बारिश 816.30 मिमी है। इस लिहाज से अभी सामान्य बारिश से 51.84 मिमी कम वर्षा हुई है। पिछले 24 घंटे में जिले में औसतन 62.93 मिमी बारिश दर्ज की गई।
3 सितंबर तक जिले में औसत बारिश 701.52 मिमी थी, जो 4 सितंबर तक बढ़कर 764.46 मिमी हो गई। पिछले साल 4 सितंबर तक जिले में औसतन 1341.79 मिमी बारिश दर्ज हुई थी। इस साल इसी अवधि में 764.46 मिमी बारिश हुई है, यानी पिछले वर्ष की तुलना में 577.33 मिमी कम बारिश दर्ज की गई है। पिछले पूरे मानसून सीजन में जिले में 4585.86 मिमी बारिश दर्ज की गई थी।
तहसीलवार आंकड़ों में पिछोर में सबसे ज्यादा 864 मिमी बारिश दर्ज हुई है। करैरा में 847.60, बदरवास में 841.50, नरवर में 785, शिवपुरी में 757.50, खनियाधाना में 752.50, पोहरी में 700 और बैराड़ में 690 मिमी बारिश दर्ज हुई। कोलारस में सबसे कम 642 मिमी बारिश हुई है।
मौजूदा हालात को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदी, नाले, रपटे और जलभराव वाले रास्तों पर जोखिम लेकर आवागमन न करें। विशेष रूप से पानी के तेज बहाव के दौरान रपटा या पुलिया पार करने से बचने की सलाह दी गई है।
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