
सार
धर्मेंद्र सिंह लोधी | टीकमगढ़ जिले के बल्देवगढ़ में मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ ने शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता के विरोध में प्रधानमंत्री के नाम एसडीओ को ज्ञापन सौंपा। संघ ने 31 मार्च 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट देने, नियुक्ति के समय लागू नियमों और वर्षों के सेवा अनुभव को ध्यान में रखने तथा संबंधित नियमों में आवश्यक सुधार की मांग की। ज्ञापन से पहले कर्मचारियों ने खेल मैदान से एसडीओ कार्यालय तक रैली भी निकाली।
विस्तार
बल्देवगढ़ में मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ ने शिक्षकों के लिए अनिवार्य की जा रही शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के विरोध में मंगलवार को प्रदर्शन किया। संघ के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने खेल मैदान से रैली निकालकर अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रधानमंत्री के नाम एसडीओ को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के जरिए शिक्षकों की नियुक्ति और पात्रता से जुड़े नियमों में आवश्यक सुधार की मांग की गई।
संघ के ब्लॉक अध्यक्ष अरुण कुमार जैन ने राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) की 23 अगस्त 2010 की अधिसूचना का हवाला देते हुए कहा कि इसके तहत शिक्षक नियुक्ति के लिए न्यूनतम योग्यता निर्धारित की गई थी। संघ का कहना है कि वर्ष 2010 से पहले नियुक्त कई शिक्षक लंबे समय से शासकीय विद्यालयों में सेवाएं दे रहे हैं और उनकी नियुक्तियां उस समय लागू नियमों के अनुसार हुई थीं। ऐसे शिक्षकों को अब दोबारा पात्रता परीक्षा के दायरे में लाना उनके अनुसार उचित नहीं है।
राज्य कर्मचारी संघ ने मांग की कि लंबे समय से सेवा दे रहे पुराने शिक्षकों के अनुभव और पूर्व में निर्धारित नियुक्ति संबंधी योग्यताओं को ध्यान में रखा जाए। संघ ने इसे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत से जोड़ते हुए 31 मार्च 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट देने की मांग की।
ज्ञापन में संघ ने 10 अगस्त 2017 के न्याय मंत्रालय से संबंधित आदेश और सर्वोच्च न्यायालय के सिविल अपील नंबर 1385/2025 के निर्णय का भी उल्लेख किया। संघ ने मांग की कि संबंधित न्यायिक एवं प्रशासनिक प्रावधानों का समुचित परीक्षण कर शिक्षकों के हित में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
मध्यप्रदेश में सेवारत शिक्षकों के लिए पात्रता परीक्षा-2026 की प्रक्रिया वर्तमान में जारी है। मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल के अनुसार प्राथमिक एवं माध्यमिक कक्षाओं में अध्यापन कर रहे शिक्षकों के लिए पात्रता परीक्षा-2026 के आवेदन की अंतिम तिथि 18 सितंबर 2026 तक बढ़ाई गई है।
संघ की प्रमुख मांग है कि 31 मार्च 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त रखा जाए। साथ ही वर्षों से शासकीय विद्यालयों में सेवाएं दे रहे शिक्षकों की सेवा अवधि, अनुभव और नियुक्ति के समय लागू नियमों को भी ध्यान में रखा जाए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला उपाध्यक्ष राजेश नामदेव, तहसील अध्यक्ष अमित पुरोहित, कमलेश मिश्रा, श्याम सुंदर यादव, करण सिंह यादव, रामगोपाल गुप्ता, वंदना सिंह बुंदेला, अनीता सिंह बुंदेला, राजेश चौरसिया, उदय विक्रम सिंह और उमराव अहिरवार सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी एवं संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
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