
सार
आदि मिश्रा | भोपाल में MBBS इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन दूसरे दिन भी जारी रहा। कमला पार्क में बड़ी संख्या में डॉक्टर धरने पर बैठे रहे और सरकार से स्टाइपेंड बढ़ाने का लिखित आश्वासन देने की मांग की। मौके पर पहुंचे भोपाल कलेक्टर डॉ. प्रियंक मिश्रा ने डॉक्टरों से आंदोलन समाप्त कर अपने वरिष्ठों के साथ मंत्रालय में बातचीत करने की अपील की। उन्होंने अनिश्चितकालीन हड़ताल और सड़क जाम को उचित नहीं बताते हुए बातचीत के जरिए समाधान निकालने की बात कही।
विस्तार
भोपाल में MBBS इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर शुरू हुआ आंदोलन दूसरे दिन भी जारी रहा। डॉक्टर कमला पार्क क्षेत्र में धरने पर बैठे रहे। प्रदर्शन के कारण क्षेत्र में यातायात भी प्रभावित हुआ। डॉक्टरों का कहना है कि कई राज्यों में इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की जा चुकी है, लेकिन मध्य प्रदेश में अब तक इस संबंध में ठोस फैसला नहीं हुआ है।
प्रदर्शनकारी डॉक्टरों की मुख्य मांग स्टाइपेंड बढ़ाने को लेकर सरकार से लिखित आश्वासन की है। डॉक्टरों का कहना है कि जब तक सरकार की ओर से उनकी मांग पर स्पष्ट और आधिकारिक आश्वासन नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार इंटर्न डॉक्टर स्टाइपेंड को करीब 14,337 रुपये से बढ़ाकर 30 हजार रुपये करने की मांग कर रहे हैं।
इसी बीच भोपाल कलेक्टर डॉ. प्रियंक मिश्रा मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों से बातचीत की। उन्होंने डॉक्टरों से आंदोलन खत्म करने तथा अपने वरिष्ठों के साथ मंत्रालय में जाकर सरकार के स्तर पर बातचीत करने की अपील की। कलेक्टर ने कहा कि अनिश्चितकालीन हड़ताल और सड़क पर यातायात बाधित करना उचित नहीं है। बातचीत के माध्यम से समस्या का बेहतर समाधान निकाला जा सकता है।
कलेक्टर की अपील के जवाब में डॉक्टरों ने अपनी मांग दोहराते हुए कहा कि यदि सरकार स्टाइपेंड बढ़ाने के संबंध में लिखित आश्वासन देती है तो वे प्रदर्शन समाप्त करने के लिए तैयार हैं। इस बीच आंदोलन को जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन का भी समर्थन मिला है और अस्पताल की नियमित सेवाओं पर इसका असर पड़ा है।
आंदोलन की शुरुआत के दौरान पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और वाटर कैनन के इस्तेमाल को लेकर भी विवाद सामने आया था। इस कार्रवाई के बाद डॉक्टरों ने स्टाइपेंड बढ़ाने के साथ ही बल प्रयोग के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग भी उठाई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संज्ञान के बाद पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की जांच के आदेश दिए हैं।
अब डॉक्टरों और सरकार के बीच बातचीत तथा लिखित आश्वासन को लेकर स्थिति अहम हो गई है। फिलहाल इंटर्न डॉक्टर अपनी मांगों पर कायम हैं और सरकार के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं।
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