
सार
आम आदमी पार्टी ने अरविंद केजरीवाल को एक बार फिर राष्ट्रीय संयोजक चुन लिया है। पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में उनके नाम पर सर्वसम्मति बनी। इसके साथ ही 23 सदस्यीय नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन किया गया है।
विस्तार
आम आदमी पार्टी ने संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए अरविंद केजरीवाल को लगातार एक बार फिर पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक चुना है। बुधवार को हुई AAP की 15वीं राष्ट्रीय परिषद की बैठक में केजरीवाल के नाम पर सर्वसम्मति बनी। इसके साथ ही पार्टी ने नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी का भी ऐलान किया है।
केजरीवाल के दोबारा राष्ट्रीय संयोजक चुने जाने को पार्टी संगठन में उनके नेतृत्व पर भरोसे के तौर पर देखा जा रहा है। दिल्ली की सत्ता गंवाने के बाद AAP के लिए यह संगठनात्मक स्तर पर अहम फैसला माना जा रहा है।
पार्टी ने राष्ट्रीय संयोजक के साथ 23 सदस्यीय नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन किया है। नई टीम में अलग-अलग राज्यों और संगठन से जुड़े प्रमुख नेताओं को जगह दी गई है।
पंकज गुप्ता को राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, मंत्री कुलदीप धालीवाल और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को भी नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल किया गया है।
AAP के लिए पंजाब इस समय सबसे महत्वपूर्ण राज्यों में से एक है, क्योंकि पार्टी वर्तमान में देश में सिर्फ पंजाब में ही सरकार चला रही है। ऐसे समय में नई राष्ट्रीय टीम में पंजाब के प्रतिनिधित्व को लेकर भी राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं।
नई 23 सदस्यीय कार्यकारिणी में पंजाब से तीन नेताओं को जगह मिली है। इनमें मुख्यमंत्री भगवंत मान, कैबिनेट मंत्री कुलदीप धालीवाल और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा शामिल हैं।
केजरीवाल को फिर से राष्ट्रीय संयोजक बनाए जाने और नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी के गठन को आगामी चुनावों की तैयारियों से जोड़कर भी देखा जा रहा है। पार्टी संगठन को नए सिरे से सक्रिय करने और चुनावी रणनीति को मजबूत करने की दिशा में यह फैसला महत्वपूर्ण हो सकता है।
खास तौर पर पंजाब में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। ऐसे में AAP की नई राष्ट्रीय टीम के सामने संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ चुनावी रणनीति को जमीन पर उतारने की चुनौती भी होगी।
AAP ने दिल्ली में 2025 के विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवाई थी। इसके बाद पार्टी के सामने संगठन को मजबूत करने और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी राजनीतिक भूमिका बनाए रखने की चुनौती है। ऐसे समय में केजरीवाल को फिर राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी मिलना पार्टी की आगे की रणनीति के लिहाज से अहम है।
नई टीम के गठन के साथ अब पार्टी का फोकस संगठन विस्तार, राज्यों में सक्रियता और आगामी चुनावों की तैयारियों पर रहने की संभावना है।
- Arvind-Kejriwal-Reelected-AAP-National-Convenor-New-Executive-2026








