
सार
राजू सूरसिंह राठौड़ | बुरहानपुर के खैराती बाजार स्थित शासकीय उर्दू हायर सेकेंडरी स्कूल में निरीक्षण के दौरान शिक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हुए। प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी रोहिणी पवार के निरीक्षण में एक ही कमरे में तीन कक्षाएं संचालित होती मिलीं, जबकि कुछ विद्यार्थी बरामदे में बैठकर पढ़ाई करते नजर आए। स्कूल में सीमित कमरों और संसाधनों के बीच विद्यार्थियों की पढ़ाई हो रही है। अधिकारी ने समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिया है।
विस्तार
बुरहानपुर के खैराती बाजार स्थित शासकीय उर्दू हायर सेकेंडरी स्कूल में विद्यार्थियों को पर्याप्त कक्ष उपलब्ध नहीं होने का मामला सामने आया है। स्कूल के निरीक्षण के दौरान एक ही कमरे में तीन कक्षाएं संचालित होती मिलीं, जबकि कुछ बच्चे बरामदे में बैठकर पढ़ाई करते नजर आए। इससे स्कूल में उपलब्ध भवन और संसाधनों के मुकाबले विद्यार्थियों के नामांकन को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी रोहिणी पवार इन दिनों जिले के सरकारी स्कूलों का निरीक्षण कर रही हैं। निरीक्षण का उद्देश्य तिमाही परीक्षाओं की तैयारियों और पिछले बोर्ड परीक्षा परिणामों की स्थिति की समीक्षा करना बताया गया है। इसी क्रम में वे खैराती बाजार स्थित शासकीय उर्दू हायर सेकेंडरी स्कूल पहुंचीं, जहां स्कूल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।
निरीक्षण के दौरान सामने आया कि भवन में उपलब्ध कमरों की संख्या विद्यार्थियों की जरूरत के हिसाब से पर्याप्त नहीं है। एक ही कमरे में तीन कक्षाएं संचालित होने के साथ कुछ विद्यार्थियों को बरामदे में बैठाकर पढ़ाना पड़ रहा है। सीमित कक्षों और संसाधनों के बीच पढ़ाई की इस व्यवस्था से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की चुनौती सामने आती है।
अधिकारी की ओर से स्कूल की समस्या को जल्द दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिया गया है। हालांकि निरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि स्कूल स्टाफ की ओर से अधिकारियों को बेहतर कमरों का ही निरीक्षण कराया गया, जबकि स्कूल के अन्य अव्यवस्थित हिस्सों की वास्तविक स्थिति पूरी तरह सामने नहीं आ सकी। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
ऐसे में अब बड़ा सवाल यही है कि जब स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या के मुकाबले कक्षों की कमी है तो अतिरिक्त कमरों और जरूरी संसाधनों की व्यवस्था कब तक होगी। विद्यार्थियों को बरामदे में बैठने या एक ही कमरे में कई कक्षाओं के साथ पढ़ने की स्थिति से कब राहत मिलेगी, यह आने वाले समय में प्रशासन की कार्रवाई से स्पष्ट होगा।
- burhanpur-government-school-three-classes-one-room-students-studying-veranda








