
मध्य प्रदेश की लाड़ली बहना योजना को लेकर हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में योजना की उपयोगिता और सरकारी खजाने पर पड़ने वाले आर्थिक भार को लेकर सवाल उठाए गए हैं। कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है।
योजना की उपयोगिता पर उठे सवाल
लाड़ली बहना योजना को लेकर ग्वालियर की सुधा दुबे की ओर से जनहित याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल मिश्रा ने कोर्ट में योजना के तहत महिलाओं को सीधे आर्थिक सहायता दिए जाने की व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका तर्क है कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए रोजगार, स्वरोजगार और स्थायी आर्थिक अवसरों पर सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल किया जा सकता है। ये याचिकाकर्ता की ओर से रखी गई दलीलें हैं और इन पर राज्य सरकार का जवाब अभी आना बाकी है।
याचिका में योजना के लागू होने के समय को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ता ने मार्च 2023 में योजना शुरू किए जाने और उस समय के राजनीतिक माहौल का उल्लेख किया है। यह भी याचिका में किया गया दावा है, जिस पर अदालत के समक्ष सरकार का पक्ष आना बाकी है।
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हर महीने 1,900 करोड़ रुपये खर्च का दावा
याचिकाकर्ता की ओर से योजना पर हर महीने करीब 1,900 करोड़ रुपये खर्च होने का दावा किया गया है। साथ ही मध्य प्रदेश के कर्ज और सरकारी संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, ये आंकड़े और उनसे जुड़े आर्थिक प्रभाव याचिकाकर्ता की दलीलों का हिस्सा हैं। राज्य सरकार को अब इन बिंदुओं पर अपना आधिकारिक जवाब देना है।
हाईकोर्ट ने सरकार से योजना के लाभार्थियों की संख्या, उन्हें दी जा रही राशि और भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड की जानकारी भी मांगी है। राज्य के आधिकारिक पोर्टल पर वर्तमान में 1,25,22,542 पात्र आवेदक दर्ज हैं।
चार सप्ताह में सरकार को देना होगा जवाब
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। सरकार को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करना है। कोर्ट ने योजना से जुड़े लाभार्थियों और वित्तीय रिकॉर्ड की जानकारी उपलब्ध कराने को भी कहा है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि हाईकोर्ट ने फिलहाल लाड़ली बहना योजना को बंद करने या महिलाओं को मिलने वाली मासिक राशि रोकने का कोई आदेश नहीं दिया है। यानी योजना पर तत्काल रोक नहीं लगी है। आगे की कार्रवाई सरकार के जवाब और मामले की सुनवाई के आधार पर होगी।
लाड़ली बहना योजना को लेकर हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका पर राज्य सरकार को चार सप्ताह में जवाब देना है। कोर्ट ने योजना के लाभार्थियों, भुगतान और वित्तीय प्रभाव से जुड़े रिकॉर्ड मांगे हैं। फिलहाल योजना जारी है और भुगतान रोकने का कोई आदेश नहीं दिया गया है। अब मामले में सरकार के जवाब पर अगली सुनवाई की दिशा निर्भर करेगी।
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