
एक जिले में पदस्थ एक प्रमोटी आईएएस कलेक्टर मैडम इन दिनों अपनी कार्यशैली को लेकर खासा सुर्खियों में हैं। मैडम पर आरोप है कि जिले के टेंडरों में अपने पति को फायदा पहुंचाने के लिए वे जमकर दखल दे रही हैं। महकमे में तो यहां तक कहा जा रहा है कि जिले के ज्यादातर कामों के टेंडर मैडम की पसंद के हिसाब से ही तय हो रहे हैं। बताया जाता है कि जो अधीनस्थ अधिकारी मैडम के निर्देश पर चलने से इनकार करता है, उसे शो-कॉज नोटिस से लेकर निलंबन तक का सामना करना पड़ जाता है। इसके बाद बहाली के लिए भी अलग तरह की सेटिंग होने की बातें सामने आ रही हैं।
बतौर कलेक्टर यह मैडम का पहला जिला है, लेकिन पद संभाले अभी ज्यादा वक्त भी नहीं हुआ और उनकी कार्यशैली को लेकर जिले में असंतोष की खबरें आने लगी हैं। पिछले दिनों कर्मचारियों ने मैडम के खिलाफ हंगामा किया और बाद में हड़ताल तक कर दी। आरोप है कि दबाव बनाकर हड़ताल खत्म करा दी गई। मैडम इससे पहले भी जिन विभागों या संस्थानों में पदस्थ रहीं, तब भी उन पर अपने पति को उपकृत करने के आरोप लगे थे। हालांकि इन आरोपों को लेकर संबंधित पक्ष का कोई अलग पक्ष यहां सामने नहीं है।
मामले को लेकर महकमे में कलेक्टर की कार्यशैली और टेंडर प्रक्रिया में कथित हस्तक्षेप को लेकर चर्चाएं तेज हैं। कर्मचारियों के विरोध और हड़ताल के बाद भी यह मामला पूरी तरह शांत होता नजर नहीं आ रहा है। आरोपों में खास तौर पर जिले के कामों के टेंडर अपनी पसंद के अनुसार तय कराने और पति को फायदा पहुंचाने की बात कही जा रही है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में नहीं की गई है, लेकिन जिस तरह से कर्मचारियों के विरोध और प्रशासनिक फैसलों को लेकर सवाल उठ रहे हैं, उससे जिले की प्रशासनिक व्यवस्था और कलेक्टर की कार्यप्रणाली चर्चा के केंद्र में आ गई है।
- collector-tender-husband-benefit-allegations-district-madhya-pradesh






