
भोपाल। मध्य प्रदेश में स्वामित्व योजना को लेकर सरकार और पटवारी संघ के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। योजना के काम में कथित असहयोग को लेकर प्रदेश में 3500 से अधिक पटवारियों को नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि 29 पटवारियों को बर्खास्त और 129 से अधिक को निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई है। कार्रवाई के बावजूद पटवारी संघ अपनी मांगों पर कायम है।
स्वामित्व योजना को लेकर बढ़ा विवाद
मध्य प्रदेश सरकार ने स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्तियों की निशुल्क रजिस्ट्री और दस्तावेज उपलब्ध कराने का अभियान शुरू किया है। सरकार का लक्ष्य करीब 50 लाख ग्रामीण परिवारों को संपत्ति संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराना है। योजना के काम को समय पर पूरा कराने के लिए राजस्व अधिकारियों को लगातार समीक्षा और प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसी बीच पटवारियों ने योजना में अपनी भूमिका को लेकर आपत्ति जताई है। पटवारी संघ का कहना है कि संपत्ति दस्तावेजों में निष्पादक के तौर पर हस्ताक्षर करने से भविष्य में कानूनी विवाद की स्थिति में उनकी जिम्मेदारी तय हो सकती है। इसी मुद्दे को लेकर संघ काम के बहिष्कार पर है।
3500 से ज्यादा को नोटिस, 29 बर्खास्त
सरकार की ओर से सख्ती बढ़ाते हुए प्रदेश में 3500 से अधिक पटवारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार 29 पटवारियों को बर्खास्त और 129 से अधिक को निलंबित किया गया है। कुछ जिलों में परिवीक्षाधीन पटवारियों पर भी कार्रवाई की गई है।
अलग-अलग जिलों में कार्रवाई का दायरा भी बढ़ा है। सागर में 12 पटवारियों को निलंबित करने के साथ 137 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। प्रशासन ने योजना समेत हितग्राही मूलक कार्यों में अपेक्षित सहयोग नहीं करने को कार्रवाई का आधार बताया है।
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डिप्टी CM से मिले पटवारी संघ के पदाधिकारी
विवाद के बीच शुक्रवार को पटवारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल से मुलाकात की। संघ पदाधिकारियों ने बर्खास्तगी और निलंबन की कार्रवाई वापस लेने समेत अपनी अन्य मांगें रखीं।
बैठक के बाद संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि उनकी मांगों पर सुधार के लिए नोटशीट मुख्य सचिव को भेजी गई है। हालांकि, संघ ने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने के बाद ही पटवारी काम पर लौटेंगे।
पटवारियों के काम से दूर रहने पर ये कार्य प्रभावित
पटवारियों के आंदोलन का असर कई राजस्व सेवाओं पर पड़ने की आशंका है। नामांतरण, भूमि बंटवारा, सीमांकन, खसरा-खतौनी में सुधार, फसल नुकसान सर्वे और भूमि रिकॉर्ड से जुड़े काम प्रभावित हो सकते हैं।
इसके अलावा जाति, आय और निवास प्रमाणपत्रों के सत्यापन तथा सरकारी योजनाओं के हितग्राहियों के सत्यापन जैसे कार्यों पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि, इसका वास्तविक प्रभाव जिले-दर-जिले प्रशासन की वैकल्पिक व्यवस्था और आंदोलन की स्थिति पर निर्भर करेगा।
मध्य प्रदेश में स्वामित्व योजना को लेकर सरकार और पटवारी संघ के बीच गतिरोध फिलहाल जारी है। एक तरफ सरकार योजना का काम समय पर पूरा कराने के लिए कार्रवाई कर रही है, वहीं पटवारी संघ बर्खास्तगी और निलंबन वापस लेने की मांग पर अड़ा है। अब दोनों पक्षों की आगे की बातचीत से इस विवाद के समाधान की उम्मीद बनी हुई है।
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