पोषण योजनाओं के टेंडर पर सवाल | Questions Raised Over Crores Worth Tender in MP Nutrition Schemes

भोपाल

मध्यप्रदेश में महिलाओं और बच्चों से जुड़ी पोषण योजनाओं के संचालन वाले एक महत्वपूर्ण विभाग में टेंडर प्रक्रिया को लेकर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार विभाग के कुछ अधिकारियों और चुनिंदा वेंडरों के बीच कथित सांठगांठ के कारण करोड़ों रुपये के टेंडरों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

अधिकारियों और वेंडरों की भूमिका पर चर्चा

सूत्रों के मुताबिक विभाग के तीन वरिष्ठ पदों—प्रोजेक्ट डायरेक्टर, कंसल्टेंट और ज्वाइंट डायरेक्टर से जुड़े कुछ निर्णयों को लेकर अंदरखाने चर्चा तेज है। आरोप है कि कुछ वेंडरों के साथ मिलकर खरीद प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की गई, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।

18.5 करोड़ के टेंडर पर उठे सवाल

बताया जा रहा है कि हाल ही में विभाग ने लगभग 18.5 करोड़ रुपये के टेंडर जारी किए। हालांकि जांच और प्रारंभिक जानकारी में यह सामने आया कि जिन वस्तुओं की खरीद प्रस्तावित है, उनकी बाजार कीमत अपेक्षाकृत कम बताई जा रही है। ऐसे में टेंडर की कुल राशि को लेकर प्रशासनिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

नए कमिश्नर की भूमिका पर नजर

सूत्रों का कहना है कि विभाग में हाल ही में नियुक्त नए कमिश्नर को विश्वास में लेकर कुछ फैसले लिए गए। अब यह देखना अहम होगा कि विभागीय स्तर पर इन आरोपों की जांच किस तरह आगे बढ़ती है और क्या पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाते हैं।

पारदर्शिता की मांग

पोषण योजनाएं सीधे तौर पर महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ी होती हैं, इसलिए इन योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में सामने आए आरोपों को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों ही स्तरों पर आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।

  • Gaurav Singh

    Gaurav Singh

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