
सार
आज 9 सितंबर 2026, बुधवार को भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। त्रयोदशी तिथि दोपहर करीब 12:30 बजे तक रहेगी, इसके बाद चतुर्दशी तिथि शुरू होगी। पंचांग के अनुसार आज आश्लेषा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। राहुकाल दोपहर 12:18 बजे से 1:52 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आज पूजा-पाठ और भगवान शिव की आराधना के लिए दिन महत्वपूर्ण है।
विस्तार
हिंदू पंचांग के अनुसार बुधवार, 9 सितंबर 2026 को भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। यह तिथि दोपहर करीब 12:30 बजे तक रहेगी, जिसके बाद कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि शुरू हो जाएगी। दिन बुधवार होने के कारण भगवान गणेश की पूजा के साथ शिव आराधना का भी विशेष महत्व माना जाता है।
आज नक्षत्र की बात करें तो आश्लेषा नक्षत्र प्रभावी रहेगा। पंचांग में दिन के शुभ और अशुभ समय का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुभ कार्य शुरू करने से पहले राहुकाल और अन्य अशुभ काल का विचार किया जाता है।
आज का राहुकाल दोपहर 12:18 बजे से 1:52 बजे तक रहेगा। इस अवधि में नए शुभ कार्य शुरू करने से बचने की धार्मिक मान्यता है। हालांकि राहुकाल के समय में स्थान के अनुसार कुछ मिनट का अंतर हो सकता है, इसलिए स्थानीय पंचांग को प्राथमिकता देना उचित माना जाता है।
भाद्रपद कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी के कारण आज प्रदोष व्रत से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं भी महत्वपूर्ण हैं। भगवान शिव की पूजा, अभिषेक और दीपदान आदि को श्रद्धा के साथ किया जाता है। चतुर्दशी तिथि शुरू होने के बाद मासिक शिवरात्रि की धार्मिक तैयारियों का भी महत्व बढ़ जाता है।
पंचांग के अनुसार आज सूर्य दक्षिणायन में रहेगा और ऋतु शरद रहेगी। हिंदू पंचांग में तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय-सूर्यास्त और राहुकाल जैसी गणनाओं के आधार पर दिन के धार्मिक कार्यक्रम और शुभ कार्यों का समय निर्धारित किया जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आज भगवान शिव को जल अर्पित कर पूजा करने, महामृत्युंजय मंत्र या शिव मंत्र का जाप करने और जरूरतमंदों को दान करने से पुण्य की प्राप्ति मानी जाती है। इन उपायों को आस्था और परंपरा के आधार पर किया जाता है।
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