AI सीखने के नाम पर बड़ा खेल? रिपोर्ट में 70% फास्ट-ट्रैक कोर्स पर सवाल

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव के साथ देशभर में AI ट्रेनिंग और फास्ट-ट्रैक कोर्सेज का बाजार तेजी से फैल रहा है। लेकिन एक हालिया रिपोर्ट ने इस उद्योग की चमक-दमक पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार AI से जुड़े लगभग 70 प्रतिशत फास्ट-ट्रैक कोर्स छात्रों को वास्तविक रोजगार दिलाने में विफल साबित हो रहे हैं। कई संस्थान भारी फीस लेकर कुछ सप्ताह या महीनों में AI विशेषज्ञ बनाने का दावा तो करते हैं, लेकिन उद्योग की वास्तविक जरूरतों और कोर्स सामग्री के बीच बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि AI सेक्टर में अब केवल सर्टिफिकेट या ऑनलाइन कोर्स पूरा करना पर्याप्त नहीं रह गया है। कंपनियां ऐसे उम्मीदवारों को प्राथमिकता दे रही हैं जिनके पास लाइव-डिप्लॉयड पब्लिक प्रोजेक्ट्स, ओपन-सोर्स योगदान, वास्तविक डेटा पर काम करने का अनुभव और मजबूत तकनीकी पोर्टफोलियो मौजूद हो। यानी नौकरी पाने के लिए केवल यह बताना काफी नहीं कि आपने AI सीखा है, बल्कि यह दिखाना भी जरूरी है कि आपने उस ज्ञान का उपयोग करके क्या बनाया है।

रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि कई प्रशिक्षण संस्थान आकर्षक विज्ञापनों और “100 प्रतिशत प्लेसमेंट” जैसे दावों के जरिए युवाओं को आकर्षित कर रहे हैं। बड़ी संख्या में छात्र महंगे कोर्स में दाखिला तो ले लेते हैं, लेकिन कोर्स पूरा होने के बाद उन्हें अपेक्षित नौकरी नहीं मिलती। तकनीकी कंपनियों का मानना है कि AI क्षेत्र में सफलता के लिए व्यावहारिक अनुभव, समस्या समाधान की क्षमता और वास्तविक परियोजनाओं पर काम करने का अनुभव अधिक महत्वपूर्ण है, न कि केवल प्रमाणपत्र।

विशेषज्ञों का सुझाव है कि AI क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं को केवल कोर्स पर निर्भर रहने के बजाय स्वयं के प्रोजेक्ट विकसित करने, ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म पर योगदान देने और वास्तविक समस्याओं के समाधान तैयार करने पर ध्यान देना चाहिए। AI की दुनिया में अब प्रतिस्पर्धा केवल डिग्री या सर्टिफिकेट की नहीं, बल्कि कौशल और नवाचार की है। ऐसे में युवाओं को कोर्स चुनते समय सावधानी बरतने और संस्थानों के दावों की वास्तविकता जांचने की आवश्यकता है। AI के इस तेजी से बढ़ते बाजार में असली पहचान उन्हीं की बन रही है जो अपने काम को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित कर सकते हैं और उद्योग की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप खुद को तैयार करते हैं।

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