
सार
चित्रकूट के मानिकपुर स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज को अपना भवन मिलने का रास्ता साफ हो गया है। भवन निर्माण के लिए 5.55 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। करीब 51 साल पहले स्थापित हुए इस कॉलेज का संचालन फिलहाल परिषदीय भवन के सिर्फ सात कमरों में हो रहा है। नए भवन से छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं और तकनीकी शिक्षा के संसाधन मिलने की उम्मीद है।
विस्तार
मानिकपुर के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की स्थापना वर्ष 1976 में हुई थी। शुरुआत में यहां कक्षा छह से 10वीं तक की छात्राओं की पढ़ाई होती थी। वर्ष 2007 में कॉलेज को कक्षा 12वीं तक की मान्यता मिली, जिसके बाद यह पूर्ण रूप से इंटर कॉलेज बन गया।
स्थापना के इतने वर्षों बाद भी कॉलेज को अपना भवन नहीं मिल सका। फिलहाल विद्यालय परिषदीय भवन के महज सात कमरों में संचालित हो रहा है। सीमित जगह के कारण छात्राओं और शिक्षकों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
अब कॉलेज के अपने भवन का सपना पूरा होने की उम्मीद बढ़ गई है। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग की पहल पर भवन निर्माण के लिए 5.55 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। निर्माण के लिए आवास विकास परिषद को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है।
नए भवन के तैयार होने के बाद कॉलेज में पढ़ने वाली छात्राओं को अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित वातावरण मिलने की उम्मीद है। इससे बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ महिला सशक्तीकरण को भी मजबूती मिलने की बात कही जा रही है।
वर्तमान में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में करीब 400 छात्राएं पंजीकृत हैं। मौजूदा भवन में जगह की कमी के चलते शैक्षणिक गतिविधियों के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं है। नए भवन के बनने से छात्राओं को पढ़ाई के लिए बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
कॉलेज में कंप्यूटर समेत अन्य तकनीकी शिक्षा से जुड़े उपकरणों की व्यवस्था किए जाने की भी उम्मीद है। इससे छात्राओं को पारंपरिक पढ़ाई के साथ कंप्यूटर और तकनीकी ज्ञान हासिल करने का अवसर मिलेगा।
कॉलेज में भवन की कमी के साथ शिक्षकों की कमी भी बनी हुई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार 12 सहायक अध्यापकों के पदों में छह पर ही शिक्षक कार्यरत हैं। वहीं प्रवक्ता के 10 पदों में सिर्फ दो प्रवक्ता कार्यरत हैं।
कम स्टाफ के बावजूद कॉलेज में छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का प्रयास किया जा रहा है। प्रधानाचार्य का अतिरिक्त प्रभार भी कार्यरत प्रवक्ताओं में से एक द्वारा संभाला जा रहा है।
नए भवन के निर्माण के बाद कॉलेज के संचालन की तस्वीर बदलने की उम्मीद है। जिला विद्यालय निरीक्षक रवि शंकर के अनुसार, संभावना है कि नया शैक्षणिक सत्र राजकीय बालिका इंटर कॉलेज मानिकपुर के अपने भवन में संचालित हो।
लंबे समय से भवन का इंतजार कर रहे कॉलेज के लिए बजट की स्वीकृति बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। भवन बनने के बाद छात्राओं को पर्याप्त कक्ष, तकनीकी संसाधन और बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलने की उम्मीद है।
- Chitrakoot-Manikpur-Girls-Inter-College-New-Building-Budget-Approved








