
डबरा: शहर से करीब 45 किलोमीटर दूर गिजोर्रा के जंगलों में स्थित दूध खो धाम इन दिनों आस्था का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है। यहां चल रहे 108 कुण्डीय श्री महालक्ष्मी नारायण अति महायज्ञ और श्रीराम कथा में लाखों श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ रहा है। संतों के सान्निध्य और जनसहयोग से इस आयोजन ने भव्यता की नई मिसाल कायम की है।
महायज्ञ की भव्यता
- नौ दिवसीय महायज्ञ में प्रतिदिन हजारों यजमान हवन-आहुति दे रहे हैं।
- विशाल भंडारे में रोजाना 60 से 70 हजार श्रद्धालुओं को प्रसादी दी जा रही है।
- श्रद्धालुओं के लिए टेंट सिटी, भोजन, पेयजल और आवास की व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं।
- इस आयोजन में क्षेत्र के हर गांव और हर वर्ग का सहयोग देखने को मिल रहा है।
विशिष्ट अतिथियों का आगमन
महायज्ञ के सातवें दिन दंदरौआ धाम के महंत रामदास महाराज और धूमेश्वर धाम के पीठाधीश्वर अनिरुद्ध वन महाराज का भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान गुरुदेव श्री गणेश दास जी महाराज और संतों ने इसे प्रभु कृपा और जनसहयोग का परिणाम बताया।
श्रीराम कथा का दिव्य वाचन
दोपहर में कथा आचार्य गौरव कृष्ण शास्त्री द्वारा श्रीराम कथा का वाचन किया जा रहा है। उन्होंने केवट और निषादराज के प्रसंग के माध्यम से संदेश दिया कि सच्चा राजा वही है जो समाज के हर वर्ग को समान दृष्टि से देखे। कथा के दौरान हजारों श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए।
गणमान्यों की उपस्थिति
इस भव्य आयोजन में मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, पूर्व मंत्री इमरती देवी सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक भी पहुंचे। सभी ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र की आस्था और एकता का प्रतीक बताया।
ये भी पढ़े – डबरा: नगर पालिका में भ्रष्टाचार पर सख्त रुख; सीवरेज प्रोजेक्ट शुरू होने की मिली राहत
- dabra-dukh-dham-faith-center-yajna-devotees-gathering









