दमोह/ आकिब खान: जिले के हटा थाना क्षेत्र के कुमी गांव में शनिवार सुबह खाना बनाने के दौरान गैस सिलेंडर में लीकेज होने से अचानक आग भड़क गई। देखते ही देखते आग ने रसोई में मौजूद सास और बहू को अपनी चपेट में ले लिया। दोनों को बचाने पहुंचे परिवार के मुखिया भी आग की चपेट में आकर झुलस गए। हादसे में एक ही परिवार के तीन लोग घायल हुए हैं। सभी को 108 एंबुलेंस की मदद से गंभीर हालत में दमोह जिला अस्पताल लाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टर के मुताबिक हादसे में झुलसी दोनों महिलाओं की हालत गंभीर बताई जा रही है।
चाय बनाते समय अचानक भड़की आग
जानकारी के मुताबिक कुमी गांव में शनिवार सुबह करीब 9 बजे रामलाल अठ्या के घर में उनकी पत्नी तुलसा और बहू रोशनी रसोई में चाय बनाने की तैयारी कर रही थीं। इसी दौरान गैस सिलेंडर से कहीं से लीकेज होने के कारण रसोई में गैस फैल गई थी। परिवार के लोगों को इसकी जानकारी नहीं थी।
बताया जा रहा है कि जैसे ही तुलसा ने गैस जलाने के लिए लाइटर चलाया, उसी समय अचानक आग भड़क उठी। आग ने कुछ ही पलों में गैस सिलेंडर को भी अपनी चपेट में ले लिया। रसोई में मौजूद तुलसा और उनकी बहू रोशनी आग की चपेट में आ गईं। अचानक आग भड़कने से दोनों महिलाएं घबरा गईं और मदद के लिए चीखने लगीं।
पत्नी और बहू को बचाने पहुंचे रामलाल
रसोई से चीखने की आवाज सुनकर परिवार के मुखिया 47 वर्षीय रामलाल पिता रामकृष्ण अठ्या तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले गैस सिलेंडर की गैस बंद करने की कोशिश की, ताकि आग को और फैलने से रोका जा सके। रामलाल ने किसी तरह सिलेंडर की गैस बंद की, लेकिन तब तक आग की चपेट में आने के कारण वह भी झुलस गए। इस दौरान घर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। परिवार के सदस्यों की चीख-पुकार सुनकर आसपास रहने वाले पड़ोसी भी मौके पर पहुंच गए।
पड़ोसियों की मदद से आग पर काबू पाया गया और तीनों घायलों को घर से बाहर निकाला गया। इसके बाद उन्हें तत्काल उपचार की जरूरत महसूस हुई, जिसके चलते 108 एंबुलेंस को सूचना दी गई।
108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया
हादसे की सूचना मिलने के बाद 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची। एंबुलेंस की मदद से तीनों घायलों को दमोह जिला अस्पताल ले जाया गया। यहां डॉक्टरों ने सभी का परीक्षण करने के बाद उपचार शुरू किया।
घायलों की पहचान 47 वर्षीय रामलाल पिता रामकृष्ण अठ्या, उनकी पत्नी तुलसा और बहू 25 वर्षीय रोशनी पति नरेंद्र के रूप में हुई है। तीनों के शरीर के अलग-अलग हिस्सों में आग से झुलसने के कारण चोटें आई हैं। जिला अस्पताल में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की निगरानी में तीनों का इलाज किया जा रहा है। हादसे में घायल दोनों महिलाओं की स्थिति गंभीर बताई गई है।
डॉक्टर बोले- दो महिलाओं की हालत गंभीर
जिला अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर पियूष निमाड़े ने बताया कि गैस सिलेंडर में लगी आग की वजह से तीन लोग झुलस गए हैं। तीनों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
डॉक्टर के अनुसार, हादसे में घायल दो महिलाओं की हालत गंभीर है। दोनों का अस्पताल में उपचार किया जा रहा है। वहीं रामलाल का भी इलाज जारी है। अस्पताल की मेडिकल टीम घायलों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। हादसे में गंभीर रूप से झुलसी महिलाओं को आगे बेहतर उपचार की आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकों द्वारा स्थिति के अनुसार निर्णय लिया जाएगा।
हटा पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
घटना की जानकारी मिलते ही हटा थाना पुलिस को भी मामले की सूचना दी गई। पुलिस ने हादसे के संबंध में जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी में घटना का कारण गैस सिलेंडर से लीकेज होना सामने आया है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि सिलेंडर में लीकेज कब से था और गैस रसोई में कितनी देर तक जमा हुई। इसके अलावा सिलेंडर, रेगुलेटर और गैस पाइप की स्थिति की भी जांच की जा सकती है, ताकि हादसे की वास्तविक वजह सामने आ सके।
पुलिस द्वारा परिवार के सदस्यों और आसपास मौजूद लोगों से भी घटना के संबंध में जानकारी ली जा रही है।
एक छोटी सी चूक से तीन जिंदगियां झुलसीं
गैस सिलेंडर से जुड़े हादसों में सबसे बड़ा खतरा गैस के रिसाव के बाद पैदा होता है। रसोई में गैस जमा होने के बाद अगर किसी भी तरह की आग या चिंगारी के संपर्क में आती है तो कुछ ही सेकंड में आग तेजी से फैल सकती है। कुमी गांव की घटना में भी प्रारंभिक तौर पर कुछ ऐसा ही सामने आया है। परिवार के मुताबिक गैस सिलेंडर में कहीं से लीकेज था। लेकिन इसकी जानकारी नहीं होने के कारण जब लाइटर जलाया गया तो गैस ने आग पकड़ ली।
इस घटना में एक ही परिवार के तीन लोग घायल हो गए। खास बात यह रही कि रामलाल अपनी पत्नी और बहू को बचाने के प्रयास में खुद भी आग की चपेट में आ गए।
पड़ोसियों ने पहुंचकर बचाई जान
हादसे के बाद अगर आसपास रहने वाले लोग समय पर मौके पर नहीं पहुंचते तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। परिवार के सदस्यों की आवाज सुनकर पड़ोसी तत्काल घर पहुंचे और आग की स्थिति को नियंत्रित करने में मदद की। इसके बाद तीनों घायलों को एंबुलेंस की मदद से अस्पताल भेजा गया। समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण घायलों का उपचार शुरू हो सका।
घटना के बाद गांव में भी लोगों के बीच गैस सिलेंडर की सुरक्षा को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि घरों में गैस सिलेंडर और पाइप की समय-समय पर जांच जरूरी है, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
हादसे के बाद परिवार में मचा हड़कंप
शनिवार सुबह घर में चाय बनाने की तैयारी के दौरान हुए इस हादसे से परिवार में हड़कंप मच गया। जिस समय घर की रसोई में रोजमर्रा का काम चल रहा था, उसी समय अचानक आग भड़कने से किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। आग की चपेट में आने से तुलसा और रोशनी गंभीर रूप से झुलस गईं। रामलाल ने उन्हें बचाने के लिए तत्काल प्रयास किया, लेकिन वह भी घायल हो गए। घटना के बाद परिवार के अन्य सदस्यों और पड़ोसियों ने मिलकर तीनों को सुरक्षित बाहर निकाला।
फिलहाल तीनों का इलाज दमोह जिला अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार दोनों महिलाओं की हालत गंभीर है और उनकी निगरानी की जा रही है।
पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि सिलेंडर में लीकेज किस वजह से हुआ था। फिलहाल प्रारंभिक जांच में गैस लीकेज को ही आग लगने का कारण माना जा रहा है।
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