ICU में डॉक्टर नहीं, गंभीर मरीजों की जिंदगी रेफरल पर! धार जिला अस्पताल की व्यवस्था पर उठे सवाल

धार जिला अस्पताल की 12 बेड वाली ICU में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी गंभीर मरीजों के इलाज में बड़ी चुनौती बन रही है। क्रिटिकल केयर, कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी और नेफ्रोलॉजी जैसे विशेषज्ञों की नियमित उपलब्धता नहीं होने से गंभीर मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर रेफर करना पड़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, अस्पताल से हर साल करीब एक हजार गंभीर मरीजों को इंदौर भेजा जाता है।

12 बेड की ICU, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी

धार जिला अस्पताल में फिलहाल 12 बेड की ICU संचालित है। इसकी जिम्मेदारी तीन एमडी मेडिसिन डॉक्टरों के भरोसे है। डॉक्टरों की ड्यूटी निर्धारित शेड्यूल के अनुसार लगाई जाती है। नियमित समय के बाद गंभीर स्थिति में डॉक्टरों को ऑन-कॉल बुलाया जाता है।

अस्पताल में आधुनिक जांच और उपचार से जुड़ी सुविधाएं मौजूद हैं, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियमित उपलब्धता नहीं होने से इनका पूरा लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। खासकर गंभीर हृदय, न्यूरो और किडनी संबंधी मामलों में मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्र भेजना पड़ता है।

रात में इमरजेंसी होने पर बढ़ जाती है चुनौती

ICU में गंभीर मरीज के लिए समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। रिपोर्ट के मुताबिक, ड्यूटी समय के बाद अस्पताल में डॉक्टर की सीधी मौजूदगी नहीं रहती। इमरजेंसी आने पर ऑन-कॉल डॉक्टर को अस्पताल पहुंचना पड़ता है। इसमें करीब 10 से 15 मिनट का समय लग सकता है। गंभीर मरीजों के मामले में यह देरी चिंता बढ़ा सकती है।

अस्पताल में TMT और इको जैसी हृदय संबंधी जांच सुविधाएं उपलब्ध हैं, लेकिन कार्डियोलॉजिस्ट, न्यूरोलॉजिस्ट, नेफ्रोलॉजिस्ट और क्रिटिकल केयर मेडिसिन विशेषज्ञ की नियमित उपलब्धता नहीं है।

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हर साल करीब एक हजार मरीज इंदौर रेफर

आंकड़ों के अनुसार, धार जिला अस्पताल से हर साल करीब एक हजार मरीज इंदौर रेफर किए जाते हैं। औसतन हर महीने 90 से अधिक मरीजों को रेफर किए जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें करीब 90 प्रतिशत मरीज दुर्घटनाओं या अन्य गंभीर घटनाओं से जुड़े बताए गए हैं।

धार जिले की आबादी 25 लाख से अधिक है। ऐसे में गंभीर मरीजों की संख्या को देखते हुए ICU की क्षमता बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही है। हालांकि, विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण मौजूदा व्यवस्था को मजबूत करना भी बड़ी चुनौती है।

नर्सिंग स्टाफ और 24 घंटे डॉक्टर की मौजूदगी भी सवाल

रिपोर्ट में ICU से जुड़ी कई कमियां भी सामने आई हैं। इनमें क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ की अनुपलब्धता, विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियमित कमी और नर्सिंग स्टाफ की कमी प्रमुख हैं। प्रत्येक ICU बेड पर एक नर्स की व्यवस्था भी पूरी तरह लागू नहीं होने की बात सामने आई है।

वहीं जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. मुकुंद बर्मन ने कहा कि ICU बेहतर तरीके से संचालित हो रही है और जरूरी संसाधन उपलब्ध हैं। उनके मुताबिक अस्पताल में एमडी मेडिसिन डॉक्टरों की पोस्टिंग हुई है, जबकि विषय विशेषज्ञों की नियुक्ति वरिष्ठ कार्यालय के स्तर का विषय है।

धार जिला अस्पताल में ICU के पास जरूरी संसाधन होने के बावजूद विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियमित उपलब्धता एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। गंभीर मरीजों को इंदौर रेफर किए जाने से इलाज में अतिरिक्त समय लग सकता है। ऐसे में ICU में विशेषज्ञ डॉक्टरों और प्रशिक्षित स्टाफ की उपलब्धता बढ़ाना जरूरी है।

 

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Srota Swati Tripathy

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