राज्य की अफसरशाही में इन दिनों पोस्टिंग को लेकर बड़ा असमंजस बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, 5 वरिष्ठ IAS अधिकारी अब तक बिना किसी ठोस पदस्थापना के इंतजार कर रहे हैं। फाइलें इधर-उधर घूम रही हैं, लेकिन अंतिम निर्णय नहीं हो पा रहा है, जिससे प्रशासनिक कामकाज और अफसरों दोनों पर असर पड़ रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, सरकार स्तर पर इन अफसरों को लेकर अलग-अलग विकल्पों पर चर्चा जरूर हो रही है, लेकिन किसे कहां जिम्मेदारी दी जाए, इस पर सहमति नहीं बन पा रही। इस देरी के चलते न सिर्फ अफसरों की कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है, बल्कि संबंधित विभागों में भी निर्णय प्रक्रिया धीमी पड़ गई है।
बताया जा रहा है कि इन अधिकारियों ने अनौपचारिक तौर पर यह संदेश भी दिया है कि उन्हें जहां भी पदस्थ किया जाए, लेकिन फैसला जल्द लिया जाए। लंबे समय तक अनिश्चितता में रहने से न केवल पेशेवर दबाव बढ़ता है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था की छवि पर भी सवाल उठते हैं।
प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि यह स्थिति सरकार की निर्णय प्रक्रिया की परीक्षा है। यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो इससे अफसरशाही में असंतोष बढ़ सकता है। फिलहाल, सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार कब और कैसे इन 5 IAS अधिकारियों की पोस्टिंग को लेकर अंतिम फैसला लेती है।









