
Gujarat के Chief Minister ने राज्य में चल रहे ‘Jal Sanchay Jan Bhagidari 2.0 Abhiyan’ की प्रगति की समीक्षा की। इस उच्चस्तरीय बैठक में जल संरक्षण से जुड़ी परियोजनाओं, जनभागीदारी की स्थिति और ज़मीनी स्तर पर किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी ली गई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान को लोगों की भागीदारी के साथ, तय समय-सीमा में और प्रभावी तरीके से लागू किया जाए, ताकि जल संरक्षण के प्रयास लंबे समय तक टिकाऊ साबित हों।
जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने पर ज़ोर
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संकट से निपटने के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी ज़रूरी है। उन्होंने ‘Jal Sanchay Jan Bhagidari 2.0’ को एक जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने पर बल दिया।
अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि:
- तालाबों, झीलों और जलाशयों का पुनरुद्धार तेज़ी से हो
- वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) को प्राथमिकता दी जाए
- ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में जल-संरक्षण संरचनाओं का निर्माण समय पर पूरा हो
डेटा-आधारित मॉनिटरिंग और ज़मीनी प्रभाव
मुख्यमंत्री ने अभियान की जिला-वार प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी परियोजनाओं की निगरानी डेटा और परिणाम आधारित होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि ज़मीनी स्तर पर जल उपलब्धता में सुधार ही इस अभियान की असली सफलता होगी।
उन्होंने स्थानीय निकायों, पंचायतों और स्वयंसेवी संगठनों को भी अभियान से सक्रिय रूप से जोड़ने के निर्देश दिए।
‘Jal Sanchay Jan Bhagidari 2.0’ का उद्देश्य
यह अभियान राज्य में:
- जल स्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवन
- भूजल स्तर को सुधारने
- जल उपयोग में जागरूकता बढ़ाने
- और भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने
के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक से यह स्पष्ट है कि गुजरात सरकार जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। ‘Jal Sanchay Jan Bhagidari 2.0 Abhiyan’ के ज़रिए सरकार न सिर्फ बुनियादी ढांचे पर, बल्कि लोगों की सोच और व्यवहार में बदलाव लाने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है।









