
गुना/ मोहित सोनी: गणेशोत्सव की तैयारियों के बीच गुना जिले में पर्यावरण संरक्षण को लेकर जनजागरूकता अभियान तेज हो गया है। मध्य प्रदेश सरकार के ‘माटी गणेश-सिद्ध गणेश’ अभियान के तहत लोगों से प्लास्टर ऑफ पेरिस की जगह मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाओं की स्थापना करने की अपील की जा रही है। इसी क्रम में गुना विधायक पन्नालाल शाक्य ने जिलेवासियों से पर्यावरण अनुकूल तरीके से गणेशोत्सव मनाने का आह्वान किया है।
मिट्टी की प्रतिमा स्थापित करने की अपील
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आह्वान पर जन अभियान परिषद और नर्मदा समग्र के संयुक्त तत्वावधान में चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य गणेशोत्सव को पर्यावरण के अनुकूल बनाना है। विधायक पन्नालाल शाक्य ने नागरिकों से संवाद करते हुए गणेश चतुर्थी पर केवल मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमा स्थापित करने की अपील की।
उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि पर्यावरण संरक्षण के इस संदेश को केवल व्यक्तिगत स्तर तक सीमित न रखते हुए अपने परिवार, पड़ोस और समाज तक पहुंचाया जाए, ताकि अभियान व्यापक जनभागीदारी का रूप ले सके।
जल प्रदूषण रोकने पर जोर
अभियान के तहत प्लास्टर ऑफ पेरिस यानी PoP से बनी प्रतिमाओं और रासायनिक रंगों के इस्तेमाल को हतोत्साहित किया जा रहा है। ऐसी प्रतिमाओं के जल स्रोतों में विसर्जन से प्रदूषण बढ़ने की चिंता जताई जाती है।
मिट्टी से बनी प्रतिमाओं को पर्यावरण के लिहाज से बेहतर विकल्प माना जा रहा है। अभियान के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया जा रहा है कि धार्मिक आस्था के साथ प्रकृति और जल स्रोतों की स्वच्छता का भी ध्यान रखा जाए।
घर पर ही कर सकते हैं विसर्जन
माटी गणेश अभियान की खास बात यह है कि मिट्टी से बनी प्रतिमा का विसर्जन घर पर भी आसानी से किया जा सकता है। इसके लिए गमले या बाल्टी में पानी लेकर प्रतिमा का विसर्जन किया जा सकता है। इससे नदियों, तालाबों और अन्य जल स्रोतों पर विसर्जन का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।
अभियान से जुड़े लोगों का संदेश है कि श्रद्धालु गणेशोत्सव की धार्मिक परंपरा को निभाने के साथ पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभाएं।
स्थानीय कारीगरों को मिलेगा प्रोत्साहन
मिट्टी की गणेश प्रतिमाओं को बढ़ावा देने से स्थानीय कुम्हारों और मूर्तिकारों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। मिट्टी की प्रतिमाओं की मांग बढ़ने से स्थानीय स्तर पर काम करने वाले कारीगरों को रोजगार और आय के नए अवसर मिल सकते हैं।
इस पहल को धार्मिक परंपरा, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय कारीगरों के प्रोत्साहन से जोड़कर देखा जा रहा है।
जन आंदोलन बनाने की अपील
विधायक पन्नालाल शाक्य ने नागरिकों से अपील की कि प्रकृति को सुरक्षित रखने के इस संकल्प को हर घर तक पहुंचाया जाए। उन्होंने लोगों से मिट्टी के गणेश जी की स्थापना करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आग्रह किया।
अभियान का उद्देश्य गणेशोत्सव के दौरान पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और लोगों की भागीदारी से ‘माटी गणेश’ की पहल को जन-अभियान का रूप देना है।
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