
भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम लगातार मजबूत होता जा रहा है। स्टार्टअप डे के मौके पर सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, देश में हर दिन औसतन 136 नए स्टार्टअप शुरू हो रहे हैं। साल 2025 में करीब 50 हजार नए स्टार्टअप जुड़े, जिसके बाद देश में कुल स्टार्टअप्स की संख्या बढ़कर 2.09 लाख तक पहुंच गई है।
सरकारी और इंडस्ट्री डेटा के अनुसार, भारत अब दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते स्टार्टअप हब्स में शामिल हो चुका है। टेक्नोलॉजी, फिनटेक, हेल्थटेक, एग्रीटेक और क्लीन एनर्जी जैसे सेक्टर्स में सबसे ज्यादा नए स्टार्टअप उभरकर सामने आ रहे हैं।
खास बात यह है कि भारत में स्टार्टअप्स के बंद होने की दर (Closure Rate) सबसे कम मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि बेहतर फंडिंग इकोसिस्टम, सरकारी योजनाएं, इनक्यूबेशन सपोर्ट और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की वजह से स्टार्टअप्स लंबे समय तक टिक पा रहे हैं।
स्टार्टअप डे के अवसर पर यह साफ हो गया है कि भारत में उद्यमिता सिर्फ महानगरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि छोटे शहरों और टियर-2, टियर-3 क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में स्टार्टअप सामने आ रहे हैं। आने वाले वर्षों में यह रफ्तार और तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है।









