
शिवपुरी। बैराड़ में पत्रकार प्रिंस प्रजापति को कथित तौर पर जान से मारने की धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। मामले को लेकर पोहरी, बैराड़ और शिवपुरी के पत्रकारों में नाराजगी बताई जा रही है। पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर आरोपी साबिर खान के खिलाफ कार्रवाई, पत्रकार की सुरक्षा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
कब्रिस्तान की जमीन को लेकर पहले सौंपा गया था ज्ञापन
आवेदन के अनुसार, 10 अक्टूबर को बैराड़ की हनुमान कॉलोनी स्थित हनुमान मंदिर के सामने कब्रिस्तान के लिए आवंटित भूमि को अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग को लेकर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं और स्थानीय हिंदू समाज की ओर से तहसीलदार को ज्ञापन दिया गया था। इसमें वर्ष 2022 में दिए गए पुराने ज्ञापन पर भी कार्रवाई की मांग की गई थी। इस ज्ञापन की स्वतंत्र रिपोर्ट भी स्थानीय मीडिया में प्रकाशित हुई थी।
पत्रकारों के आवेदन के मुताबिक, इसी मुद्दे से जुड़ी रिपोर्टिंग को लेकर प्रिंस प्रजापति को कथित तौर पर धमकी दी गई।
फोन पर चेतावनी देने का आरोप
पत्रकारों की ओर से एसपी को दिए गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि 12 अक्टूबर को साबिर खान ने प्रिंस प्रजापति के मित्र और नईदुनिया के संवाददाता माखन धाकड़ से फोन पर बातचीत की। आरोप है कि बातचीत के दौरान प्रिंस को कब्रिस्तान से जुड़े मामले में नहीं बोलने की चेतावनी दी गई और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई।
आवेदन में कहा गया है कि कथित बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग और कॉल हिस्ट्री उपलब्ध है। पत्रकारों ने पुलिस से इन साक्ष्यों की जांच कराने की मांग की है।
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रास्ते में रोककर धमकाने का भी आरोप
आवेदन में 15 अक्टूबर की एक अन्य घटना का भी उल्लेख किया गया है। पत्रकारों का आरोप है कि बैराड़ में पशु चिकित्सालय के पास साबिर खान ने प्रिंस प्रजापति को रास्ते में रोककर गाली-गलौज की और जान से मारने के साथ हाथ-पैर तोड़ने की धमकी दी।
आवेदन के अनुसार, इस घटना को लेकर पत्रकार ने बैराड़ थाने में शिकायत दर्ज कराई है। हालांकि, मामले में पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
आपराधिक रिकॉर्ड की जांच और सुरक्षा की मांग
पत्रकारों ने पुलिस अधीक्षक से आरोपी के पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की है। आवेदन में दावा किया गया है कि आरोपी के खिलाफ पहले भी विभिन्न मामले दर्ज रहे हैं। पत्रकारों ने पुलिस रिकॉर्ड से इसकी पुष्टि कराने के साथ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की मांग की है।
इसके अलावा आरोपी का नाम गुंडा सूची में दर्ज करने और जिला बदर की प्रक्रिया पर नियमानुसार विचार करने की मांग भी की गई है। पत्रकारों ने कहा कि पूरे मामले में उपलब्ध ऑडियो, वीडियो और अन्य साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
पत्रकारों ने पुलिस अधीक्षक से प्रिंस प्रजापति की सुरक्षा सुनिश्चित करने और धमकी के आरोपों की जांच कर दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की है। मामले में पुलिस की जांच और आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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