
शिवपुरी। सच्ची आस्था और हुनर जब एक साथ मिलते हैं तो साधारण मिट्टी भी खूबसूरत कलाकृति का रूप ले लेती है। शिवपुरी के दिनारा क्षेत्र की नर्सिंग छात्रा शिवानी जाटव ने अपनी प्रतिभा और भक्ति से ऐसा ही उदाहरण पेश किया है। शिवानी ने अपने खेत की मिट्टी से मां शेरावाली की प्रतिमा अपने हाथों से तैयार की और नौ दिनों तक परिवार के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
माता-पिता को माना प्रेरणा स्रोत
दिनारा में अशोक होटल के पास रहने वाली शिवानी जाटव ने अपने घर के आंगन में मां शेरावाली की प्रतिमा तैयार की। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने अपने माता-पिता को प्रेरणा स्रोत मानते हुए खेत की मिट्टी से माता की प्रतिमा का निर्माण किया। प्रतिमा तैयार करने के बाद 11 अक्टूबर की सुबह विधि-विधान से इसकी स्थापना की गई।
शिवानी के इस प्रयास ने आसपास के लोगों का ध्यान खींचा। नवरात्रि के दौरान परिवार के सदस्यों ने प्रतिदिन सुबह और शाम माता की आरती की। घर में नौ दिनों तक भक्तिमय माहौल बना रहा।
नौ दिनों तक हुई पूजा-अर्चना
शिवानी ने बताया कि मां शेरावाली में उनकी विशेष आस्था है। इसी आस्था से प्रेरित होकर उन्होंने खुद प्रतिमा बनाने का निर्णय लिया। खेत की मिट्टी को आकार देकर उन्होंने माता की प्रतिमा तैयार की और फिर पूरे परिवार के साथ पूजा की।
शिवानी के मुताबिक, वह पढ़ाई पूरी कर अपने माता-पिता का नाम रोशन करना चाहती हैं। उनका कहना है कि ईश्वर ने सभी को किसी न किसी प्रतिभा से नवाजा है और इसी विश्वास के साथ उन्होंने माता की प्रतिमा बनाने का प्रयास किया।
यह भी पढ़े: Navratri 2026, शारदीय नवरात्रि नवमी पर मां सिद्धिदात्री की पूजा, जानें विधि, मंत्र और भोग
समाजसेवी राजा भैया परिहार ने की सराहना
शिवानी के हाथों से बनी मां शेरावाली की प्रतिमा के दर्शन के लिए समाजसेवी राजा भैया परिहार भी उनके घर पहुंचे। उन्होंने माता के दर्शन किए और शिवानी के प्रयास की सराहना की।
राजा भैया परिहार ने कहा कि दिनारा क्षेत्र में कई ऐसे छात्र-छात्राएं हैं, जिनमें प्रतिभा की कमी नहीं है। ऐसे बच्चों और युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकार और जनप्रतिनिधियों को प्रोत्साहन देना चाहिए, ताकि उनकी प्रतिभा को बेहतर मंच मिल सके।
विसर्जन के साथ पूरा होगा नवरात्रि का अनुष्ठान
नौ दिनों तक पूजा-अर्चना के बाद अब माता की प्रतिमा के विसर्जन की तैयारी है। रिपोर्ट के अनुसार, अगले दिन प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। शिवानी की इस पहल की क्षेत्र में चर्चा हो रही है।
एक नर्सिंग छात्रा के रूप में पढ़ाई के साथ अपनी कला और धार्मिक आस्था को आगे बढ़ाने का शिवानी का प्रयास स्थानीय लोगों के लिए प्रेरणा का विषय बना हुआ है। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि प्रतिभा के लिए बड़े संसाधनों से ज्यादा जरूरी लगन और विश्वास होता है।
- shivani-jatav-made-mata-sherawali-idol-from-farm-soil








