
करैरा | रिपोर्टर कृष्णपाल पाल: करैरा नगर परिषद की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि नगर में एक ओर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी ओर कथित तौर पर उन्हीं अतिक्रमण वाली दुकानों तक नगर परिषद के शासकीय टैंकर से पानी पहुंचाया जा रहा है। इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जांच की मांग की है।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बीच उठे सवाल
स्थानीय लोगों के अनुसार करैरा में मुख्य सड़कों, नालों और शासकीय जमीनों के आसपास कई जगह दुकानें और अन्य निर्माण किए गए हैं। नगर परिषद की ओर से कुछ स्थानों पर नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई किए जाने की बात सामने आई है।
इसी बीच कुछ दुकानों तक नगर परिषद के सरकारी टैंकर से पानी पहुंचाए जाने की तस्वीरें और जानकारी सामने आने का दावा किया जा रहा है। इससे नगर परिषद की कार्रवाई और सरकारी सुविधाओं के वितरण को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
दिन में कार्रवाई, फिर पानी की सप्लाई का आरोप
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि किसी निर्माण को अतिक्रमण मानकर उसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, तो वहां सरकारी संसाधन से पानी की सुविधा क्यों दी जा रही है। लोगों ने नगर परिषद से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि संबंधित दुकानों में पानी की सप्लाई किस व्यवस्था के तहत की जा रही है।
नागरिकों का आरोप है कि एक तरफ अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई और दूसरी तरफ उन्हीं स्थानों पर शासकीय टैंकर से पानी की सप्लाई, दोनों के बीच विरोधाभास दिखाई देता है। हालांकि इस संबंध में नगर परिषद की ओर से संबंधित अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
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मामले को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बताई जा रही है। नागरिकों ने जिला प्रशासन और कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि जिन दुकानों को अतिक्रमण के दायरे में माना जा रहा है, वहां सरकारी टैंकर से पानी पहुंचाने का आदेश किस स्तर से दिया गया।
लोगों ने यह भी मांग की है कि यदि जांच में नियमों के विपरीत सरकारी संसाधन के इस्तेमाल की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार कर्मचारियों और अधिकारियों की भूमिका तय कर कार्रवाई की जाए।
नगर परिषद के जवाब का इंतजार
इस पूरे मामले में नगर परिषद के अधिकारियों की भूमिका को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि फिलहाल इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए सरकारी टैंकर से पानी सप्लाई के संबंध में आदेश, रिकॉर्ड और संबंधित अधिकारियों के बयान सामने आना महत्वपूर्ण होगा।
करैरा में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बीच सरकारी टैंकर से कथित रूप से उन्हीं स्थानों पर पानी पहुंचाए जाने का मामला चर्चा में है। स्थानीय नागरिकों ने इसे लेकर जिला प्रशासन से जांच की मांग की है। अब निगाह नगर परिषद और प्रशासन के आधिकारिक जवाब पर है कि पानी की यह सप्लाई किसके निर्देश पर और किस आधार पर की गई।
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