
सार
पार्शुराम रायकवार|छतरपुर। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने केन-बेतवा लिंक परियोजना को बुंदेलखंड की तस्वीर और तकदीर बदलने वाली देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना बताया। उन्होंने पुनर्वास स्थल करौंदिया पहुंचकर प्रभावित परिवारों से संवाद किया, निर्माणाधीन मकानों का निरीक्षण किया और मुआवजा व पुनर्वास राशि से जुड़ी जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने एक आदिवासी परिवार के साथ बैठकर आम के अचार के साथ रोटी खाई और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी पात्र परिवार पुनर्वास पैकेज से वंचित न रहे।
विस्तार
अटल जी का स्वप्न, मोदी का संकल्प और मुख्यमंत्री के प्रयास
छतरपुर। केन-बेतवा लिंक परियोजना के पुनर्वास कार्यों का जायजा लेने जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट पुनर्वास स्थल करौंदिया पहुंचे। उन्होंने पुनर्वासित परिवारों से आत्मीय संवाद करते हुए उनकी समस्याओं, मुआवजा और पुनर्वास राशि की स्थिति की जानकारी ली।
इस दौरान क्षेत्रीय विधायक राजेश शुक्ला, कलेक्टर मृणाल मीना, एसपी रजत सकलेचा और जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
मंत्री सिलावट ने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना बुंदेलखंड की तस्वीर और तकदीर बदलने वाली देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना है। उन्होंने कहा कि भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का स्वप्न, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयास बुंदेलखंड के चहुंमुखी विकास का मार्ग प्रशस्त करेंगे।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने उन्हें ग्रामीणों की समस्याओं से सीधे रूबरू होने और पुनर्वास कार्यों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए भेजा है, ताकि पुनर्वास कार्य जन अपेक्षाओं के अनुरूप हो और परियोजना का निर्माण निर्धारित समय में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जा सके।
आदिवासी परिवार के घर पहुंचकर खाई रोटी
करौंदिया भ्रमण के दौरान मंत्री एक आदिवासी परिवार के घर भी पहुंचे। उन्होंने परिवार की महिला उमा आदिवासी से आत्मीयता से पूछा कि भोजन में क्या बनाया गया है। महिला ने रोटी बनाए जाने की बात कही।
इसके बाद मंत्री परिवार के साथ बैठकर आम के अचार के साथ रोटी खाई। उन्होंने गिट्टी के ढेर पर ग्रामीणों के बीच बैठकर मुआवजा और पुनर्वास राशि से जुड़ी जानकारी ली तथा उनकी समस्याएं सुनीं।
कोई पात्र हितग्राही नहीं रहेगा वंचित
मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पुनर्वास पैकेज के लिए पात्र कोई भी व्यक्ति लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी पात्र परिवारों को उनकी पात्रता के अनुसार शासन की योजनाओं से जोड़ा जाए।
उन्होंने करौंदिया में पुनर्वासित परिवारों को सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
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बिजली, पानी और सड़क सुविधाओं का विस्तार
मंत्री ने बताया कि पुनर्वास स्थल पर बिजली के खंभे लगाने का काम शुरू हो गया है। पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अतिरिक्त नलकूप कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पुनर्वास स्थल पर बिजली, पेयजल और सड़क सहित सभी स्थायी मूलभूत सुविधाओं का विकास जल्द पूरा किया जाएगा, ताकि विस्थापित परिवारों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
महिलाओं, युवाओं और बच्चों से किया संवाद
मंत्री ने पुनर्वास स्थल पर महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों से भी बातचीत की। उन्होंने परिवारों के स्वास्थ्य और शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलने की जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और पूरी सरकार पुनर्वासित परिवारों के साथ है। शासन-प्रशासन की प्राथमिकता है कि विस्थापित परिवारों को पुनर्वास के दौरान और उसके बाद किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
14 जिलों को मिलेगा परियोजना का लाभ
मंत्री के अनुसार, केन-बेतवा लिंक परियोजना से मध्य प्रदेश के 10 और उत्तर प्रदेश के 4 जिले लाभान्वित होंगे। परियोजना से बुंदेलखंड के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
परियोजना के तहत 10.62 लाख हेक्टेयर प्रतिवर्ष सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने तथा करीब 62 लाख लोगों को पेयजल सुविधा मिलने की बात कही गई है। इसके अलावा 103 मेगावाट जल विद्युत और 27 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का प्रावधान बताया गया है।
मंत्री ने ग्रामीणों से अपने बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता देने और उन्हें बेहतर शिक्षा से जोड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा ही उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है।
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