
सार
अमित अवस्थी|छतरपुर। वर्ष 2019 में विवाहिता लता की इलाज के दौरान हुई मौत के मामले में द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने पति समेत तीन आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है। अदालत ने समीर अवस्थी, अमित अवस्थी और राधा अवस्थी को मामले में बरी किया। प्रकरण में 304-बी, 306, 201 और 302 आईपीसी के तहत आरोप लगाए गए थे। 31 अगस्त 2026 को सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायालय ने आरोपियों को दोषमुक्त करने का फैसला सुनाया।
विस्तार
छतरपुर। करीब सात वर्ष पुराने विवाहिता की मौत के मामले में द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने पति समेत तीन आरोपियों को राहत देते हुए दोषमुक्त कर दिया है। द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती मंजुला पाण्डेय की अदालत ने आरोपी समीर अवस्थी, अमित अवस्थी और राधा अवस्थी को मामले में बरी कर दिया।
प्रकरण में आरोपियों के खिलाफ धारा 304-बी, 306, 201 और 302 आईपीसी के तहत मामला चल रहा था। आरोपियों की ओर से अधिवक्ता शिवप्रताप सिंह चौहान ने पैरवी की।
इलाज के दौरान हुई थी लता की मौत
प्रकरण के अनुसार, समीर अवस्थी ने वर्ष 2011 में लता से अपनी पसंद से जटाशंकर धाम में विवाह किया था। आरोपियों की ओर से अदालत में रखे गए पक्ष के अनुसार, विवाह के बाद करीब सात वर्षों तक लता के मायके पक्ष के लोग समीर और लता से मिलने नहीं आए थे।
बताया गया कि 9 मार्च 2019 को लता की अचानक तबीयत खराब हो गई। इसके बाद उसे उपचार के लिए मिशन अस्पताल छतरपुर ले जाया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
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समीर अवस्थी द्वारा लता के मायके पक्ष को उसकी मृत्यु की सूचना दिए जाने की बात सामने आई। आरोपियों के पक्ष के अनुसार, अगले दिन तक मायके पक्ष के लोग नहीं पहुंचे। इसके बाद समीर ने रिश्तेदारों और ग्रामीणों की मौजूदगी में हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार लता का अंतिम संस्कार कर दिया।
मायके पक्ष की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
अंतिम संस्कार के बाद मृतका के भाई और मायके पक्ष की ओर से बमीठा थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत में समीर अवस्थी के साथ उसके भाई अमित अवस्थी और मां राधा अवस्थी को भी आरोपी बनाया गया।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच की और आरोपियों के खिलाफ प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया। इसके बाद मामले की सुनवाई द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायालय में चली।
सात साल पुराने मामले में आया फैसला
करीब सात वर्ष तक चले इस मामले में 31 अगस्त 2026 को न्यायालय में सुनवाई पूरी हुई। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और मामले की सुनवाई के बाद समीर अवस्थी, अमित अवस्थी और राधा अवस्थी को आरोपों से दोषमुक्त करते हुए बरी कर दिया।
इस फैसले के बाद लंबे समय से चल रहे मामले का न्यायालयीन स्तर पर निपटारा हो गया।
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