
सार
NEET UG 2026 काउंसलिंग के बीच नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने MBBS कोर्स का अपडेटेड सीट मैट्रिक्स जारी किया है। 10 सितंबर को जारी नई सूची में 2026-27 सत्र के लिए नए मेडिकल कॉलेजों की मंजूरी और मौजूदा संस्थानों में सीटों की बढ़ोतरी को शामिल किया गया है। जुलाई में जारी NMC के सीट मैट्रिक्स के मुताबिक देशभर में कुल 1,36,939 MBBS सीटें थीं, जिनमें 9,911 नई सीटें जोड़ी गई थीं। नए अपडेट का असर केंद्रीय और राज्य स्तर की NEET UG काउंसलिंग में सीट उपलब्धता पर पड़ेगा।
विस्तार
NEET UG 2026 के जरिए MBBS में दाखिले की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए अहम अपडेट सामने आया है। नेशनल मेडिकल कमीशन ने 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए MBBS सीटों का नया मैट्रिक्स जारी किया है। यह मैट्रिक्स 1 सितंबर 2026 तक स्वीकृत सीटों के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें नए मेडिकल कॉलेजों को मिली मंजूरी के साथ मौजूदा मेडिकल कॉलेजों में सीटों की बढ़ी हुई संख्या को भी शामिल किया गया है।
NMC की ओर से स्पष्ट किया गया है कि काउंसलिंग और एडमिशन के दौरान केंद्रीय तथा संबंधित राज्य काउंसलिंग समितियों को इसी स्वीकृत सीट मैट्रिक्स को ध्यान में रखना होगा। यदि किसी काउंसलिंग समिति को सीट मैट्रिक्स में कोई गड़बड़ी या अंतर दिखाई देता है, तो मामला मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड यानी MARB के पास भेजा जाएगा। काउंसलिंग समिति NMC की मंजूर सीटों से अधिक सीटों पर दाखिला नहीं दे सकती।
NMC के जुलाई में जारी आंकड़ों के अनुसार 2026-27 सत्र के लिए देश में 1,27,028 पुरानी/नवीनीकृत MBBS सीटों के साथ 9,911 नई सीटें जोड़ी गई थीं। इस तरह कुल संख्या 1,36,939 MBBS सीटों तक पहुंची थी और ये सीटें 823 मेडिकल कॉलेजों में थीं। इसमें Institutes of National Importance यानी INIs को शामिल नहीं किया गया था।
राज्यवार देखें तो कर्नाटक में सबसे ज्यादा 1,300 अतिरिक्त MBBS सीटें जुड़ी थीं, जिससे वहां कुल सीटों की संख्या 15,395 हो गई थी। तमिलनाडु में 950 नई सीटें जुड़ने के बाद कुल संख्या 13,999 तक पहुंची थी। नए मैट्रिक्स में अब बाद में स्वीकृत सीटों और बदलावों को भी शामिल किया गया है, इसलिए छात्रों को काउंसलिंग के दौरान पुरानी सीट सूची के बजाय अपडेटेड मैट्रिक्स को देखना जरूरी है।
इस बदलाव का सीधा फायदा NEET UG 2026 उम्मीदवारों को मिल सकता है, क्योंकि अधिक स्वीकृत सीटों का मतलब काउंसलिंग में उपलब्ध विकल्पों की संख्या बढ़ना है। हालांकि इसका यह मतलब नहीं है कि हर राज्य, हर कैटेगरी या हर कॉलेज में कटऑफ समान रूप से कम होगी। कटऑफ सीटों की संख्या, उम्मीदवारों की पसंद, NEET रैंक, कैटेगरी, राज्य कोटा और काउंसलिंग के राउंड के आधार पर तय होती है।
इसी बीच NEET UG 2026 की राउंड-2 काउंसलिंग भी जारी है। MCC ने 11 सितंबर को राउंड-2 सीट अलॉटमेंट रिजल्ट जारी किया है। इस राउंड में 15 प्रतिशत ऑल इंडिया कोटा के साथ डीम्ड यूनिवर्सिटी, केंद्रीय विश्वविद्यालय, AFMC, AIIMS और JIPMER की संबंधित सीटों पर काउंसलिंग शामिल है। जिन उम्मीदवारों को राउंड-2 में सीट मिली है, उन्हें 12 से 18 सितंबर के बीच संबंधित संस्थान में रिपोर्ट करना होगा।
MCC ने राउंड-2 के लिए नई, क्लियर और वर्चुअल वैकेंसी की जानकारी भी जारी की है। ऐसे में NEET UG उम्मीदवारों के लिए जरूरी है कि वे कॉलेज चुनते समय केवल पिछले साल की कटऑफ पर निर्भर न रहें, बल्कि 2026 की नई सीट मैट्रिक्स, उपलब्ध वैकेंसी और अपनी रैंक के आधार पर विकल्प भरें।
NMC ने यह भी साफ किया है कि कोई मेडिकल कॉलेज अपनी स्वीकृत वार्षिक सीट क्षमता से अधिक विद्यार्थियों को दाखिला नहीं दे सकता। स्वीकृत संख्या से अधिक एडमिशन होने पर इसे National Medical Commission Act और संबंधित नियमों का उल्लंघन माना जाएगा तथा संबंधित संस्थान पर नियामकीय और दंडात्मक कार्रवाई हो सकती है।
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