
शेयर बाजार में कमजोरी के बीच नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के शेयर सोमवार को अपने IPO के ₹1,785 के इश्यू प्राइस से नीचे कारोबार करते नजर आए। शुरुआती कारोबार में शेयर करीब 2 प्रतिशत तक टूटकर ₹1,761 तक पहुंच गया। हालांकि, तीन ब्रोकरेज फर्मों ने NSE के शेयर पर सकारात्मक राय के साथ ₹1,950 से ₹2,050 तक के टारगेट दिए हैं।
NSE के शेयरों की शेयर बाजार में लिस्टिंग के कुछ ही दिनों बाद कीमत में दबाव देखने को मिला है। 24 सितंबर को BSE पर लिस्ट हुए NSE के शेयर सोमवार, 28 सितंबर को शुरुआती कारोबार में गिरकर ₹1,761 के स्तर तक पहुंच गए। यह भाव कंपनी के ₹1,785 के IPO इश्यू प्राइस से भी नीचे है।
NSE का शेयर IPO के दौरान ₹1,700 से ₹1,785 के प्राइस बैंड में जारी किया गया था। ऊपरी प्राइस बैंड यानी ₹1,785 पर शेयर का इश्यू तय हुआ। लिस्टिंग के दिन शेयर ₹1,800 पर सूचीबद्ध हुआ था, जो इश्यू प्राइस से 0.84 प्रतिशत अधिक था। कारोबार के दौरान यह ₹1,878 तक भी पहुंचा, लेकिन बाद में ₹1,818 पर बंद हुआ।
एक दिन में घटा NSE का मार्केट कैप
शेयर में गिरावट का असर कंपनी के बाजार पूंजीकरण पर भी पड़ा। लिस्टिंग वाले दिन कारोबार खत्म होने पर NSE का मार्केट कैप करीब ₹4,49,955 करोड़ था। सोमवार को यह घटकर लगभग ₹4,37,580 करोड़ रह गया। यानी एक कारोबारी सत्र में करीब ₹12,375 करोड़ की कमी आई।
बाजार में जारी कमजोरी और लिस्टिंग के बाद मुनाफावसूली को NSE शेयर में गिरावट की प्रमुख वजहों में माना जा रहा है। सोमवार को व्यापक बाजार में भी दबाव देखने को मिला। Moneycontrol के अनुसार, NSE के शेयर ₹1,761 के निचले स्तर तक पहुंचे।
IPO के बाद कैसी रही शुरुआत?
NSE का ₹22,569 करोड़ का IPO बाजार में काफी चर्चा में रहा था। इश्यू को कुल 5.71 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था। IPO में 8.86 करोड़ शेयरों के मुकाबले करीब 50.58 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुई थीं।
हालांकि, लिस्टिंग के बाद शेयर में तेजी बहुत ज्यादा नहीं रही। पहले दिन यह ₹1,800 पर सूचीबद्ध हुआ और कारोबार के दौरान ₹1,878 तक गया। इसके बाद बाजार की कमजोरी और मुनाफावसूली के बीच शेयर पर दबाव बढ़ता गया।
ब्रोकरेज ने क्या टारगेट दिए?
NSE के शेयर में हालिया गिरावट के बावजूद तीन प्रमुख ब्रोकरेज फर्मों ने इसके लिए इश्यू प्राइस से ऊपर के टारगेट दिए हैं।
PL Capital: इस ब्रोकरेज ने NSE पर कवरेज शुरू करते हुए ‘Accumulate’ रेटिंग दी है। इसका टारगेट प्राइस ₹1,950 रखा गया है। ₹1,785 के IPO प्राइस की तुलना में यह करीब 9.2 प्रतिशत ऊपर है।
Macquarie: मैक्वायरी ने NSE पर ‘Outperform’ रेटिंग के साथ ₹1,965 का टारगेट दिया है। यह IPO इश्यू प्राइस के मुकाबले करीब 10 प्रतिशत अधिक है। ब्रोकरेज ने NSE की बाजार हिस्सेदारी, टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर और कारोबार में मजबूत स्थिति को अपनी राय के प्रमुख आधारों में शामिल किया है।
Emkay Global Financial Services: इस ब्रोकरेज ने NSE पर ‘Buy’ रेटिंग के साथ सितंबर 2027 के लिए ₹2,050 का टारगेट तय किया है। यह IPO इश्यू प्राइस से करीब 15 प्रतिशत अधिक है।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?
NSE शेयर का IPO प्राइस से नीचे आना अपने आप में यह तय नहीं करता कि शेयर आगे बढ़ेगा या गिरेगा। मौजूदा कीमत पर निवेश का फैसला करते समय बाजार की स्थिति, कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, नियामकीय बदलाव और निवेशक की अपनी जोखिम क्षमता को ध्यान में रखना जरूरी है।
ब्रोकरेज के दिए गए टारगेट भी भविष्य की गारंटी नहीं होते। अलग-अलग रिपोर्टों में दिए गए ये अनुमान विश्लेषकों की धारणाओं पर आधारित हैं और वास्तविक शेयर कीमत बाजार की परिस्थितियों के अनुसार बदल सकती है।
ऐसे में NSE के शेयर में आई मौजूदा गिरावट को लेकर निवेशकों के सामने एक तरफ ब्रोकरेज के सकारात्मक टारगेट हैं, तो दूसरी तरफ बाजार में जारी अस्थिरता और लिस्टिंग के तुरंत बाद दिख रहा दबाव भी है। निवेश से पहले प्रमाणित निवेश सलाहकार से सलाह लेना उचित रहेगा।
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