
सार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कामना की कि यह पावन पर्व सभी के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, शक्ति और समृद्धि लेकर आए। प्रधानमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाओं में निहित निष्काम कर्म के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी दिव्य शिक्षाएं मानवता का मार्गदर्शन करती रही हैं। गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी देशवासियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं।
विस्तार
देशभर में शुक्रवार को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव यानी जन्माष्टमी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं और सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा की कामना की।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर संदेश साझा करते हुए कहा कि जन्माष्टमी का यह पावन अवसर सभी के जीवन में नई ऊर्जा और शक्ति का संचार करे। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाओं को याद करते हुए निष्काम कर्म के संदेश का उल्लेख किया और कहा कि श्रीकृष्ण की दिव्य शिक्षाएं लंबे समय से मानवता का मार्गदर्शन करती आ रही हैं। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश का समापन ‘जय श्री कृष्ण’ के साथ किया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी जन्माष्टमी के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण को धर्म, नीति और लोककल्याण का प्रतीक बताते हुए उनके आशीर्वाद की कामना की।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी लोगों को जन्माष्टमी की बधाई दी। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण को भक्ति, प्रेम और धर्म के शाश्वत प्रतीक के रूप में स्मरण किया और कामना की कि यह पर्व लोगों के जीवन में प्रेम, करुणा, धर्म और निष्काम कर्म की भावना को मजबूत करे।
जन्माष्टमी को भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। धार्मिक परंपरा के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मध्यरात्रि में मथुरा में हुआ था। इस अवसर पर देशभर में श्रद्धालु व्रत रखते हैं, मंदिरों में पूजा-अर्चना करते हैं, भजन-कीर्तन करते हैं और मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव मनाते हैं।
मथुरा और वृंदावन में जन्माष्टमी के अवसर पर विशेष धार्मिक आयोजन होते हैं। इसके अलावा देश के अलग-अलग हिस्सों में मंदिरों को सजाया गया है और भगवान कृष्ण की झांकियां निकाली जा रही हैं। घरों में भी लड्डू गोपाल का श्रृंगार कर विशेष पूजा और भोग की परंपरा निभाई जा रही है।
जन्माष्टमी से जुड़ा दही हांडी उत्सव भी देश के कई हिस्सों में उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस वर्ष दही हांडी का आयोजन 5 सितंबर को किया जाएगा। इसमें गोविंदा पथक मानव पिरामिड बनाकर ऊंचाई पर लटकी मटकी फोड़ते हैं। यह परंपरा भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और माखन-चोरी की कथाओं से जुड़ी मानी जाती है।
प्रधानमंत्री मोदी समेत देश के प्रमुख नेताओं के संदेशों में जन्माष्टमी को केवल धार्मिक पर्व के रूप में नहीं, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण के कर्म, धर्म, प्रेम और लोककल्याण से जुड़े संदेशों को जीवन में अपनाने के अवसर के रूप में भी रेखांकित किया गया है।
- pm-modi-janmashtami-2026-greetings-positive-energy-strength









